Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि मां दुर्गा के नौ रूपों का पर्व है। ये पर्व हिंदू वर्ष का पहला पर्व होता है और इसे पूरे साल का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इसमें मां दुर्गा की सच्चे मन और विधि-विधान से पूजा करने वाले के जीवन से सारी नकारात्मकता बाहर हो जाती है। जीवन में सुख-समृद्धि और खुशियां आती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पर्व में मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए कुछ शास्त्रीय उपायों का पालन करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
नवरात्रि शुरू होने से पहले घर में कुछ खास चीजें लाने से नकारात्मकता दूर होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है। नौ दिनों के इस पर्व को आध्यात्मिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। ये पर्व सिर्फ पूजा और उपवास तक सीमित न होकर घर की ऊर्जा को शुद्ध करने का भी समय है। मान्यता है कि घटस्थापना से पहले कुछ पवित्र वस्तुओं को घर लाने से वास्तु दोष दूर होते हैं और आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है।
सोलह श्रृंगार का सामान : नवरात्रि में मां दुर्गा को सोलह श्रृंगार अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है। इसमें लाल चुनरी, चूड़ियां, बिंदी और अन्य श्रृंगार की चीजें शामिल होती हैं। नवरात्रि के दौरान इसे देवी को अर्पित करने से वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।
पीतल या तांबे का कलश : कलश स्थापना के लिए नया कलश लाना शुभ होता है। नवरात्रि में मिट्टी के बजाय पीतल या तांबे का नया कलश पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
सोने या चांदी का सिक्का : नवरात्रि की शुरुआत से पहले सोने या चांदी का सिक्का खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे नवरात्रि के दौरान पूजा में रखें और बाद में अपनी तिजोरी में स्थापित कर दें। इससे साल भर धन की आवक बनी रहती है। मां लक्ष्मी या भगवान गणेश की आकृति वाला सिक्के बहुत शुभ माना जाता है।
मोरपंख : देवी सरस्वती और भगवान कृष्ण का प्रिय मोरपंख घर की नकारात्मकता को सोख लेता है। नवरात्रि से पहले तीन मोरपंख लाकर अपने घर के मंदिर या मुख्य द्वार के पास रखने से वास्तु दोषों समाप्त होते हैं।
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