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Chaitra Navratri 2026: तीन शुभ योग और एक दुर्लभ संयोग में होगी चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना, जानें तारीख, मुहूर्त और कैलेंडर

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि हिंदू वर्ष का पहला प्रमुख धार्मिक आयोजन होता है, जो नौ दिनों तक चलता है। इस साल चैत्र नवरात्रि पर तीन दुर्लभ योगों का निर्माण हो रहा है। साथ ही इस साल कलश स्थापना भी बेहद दुर्लभ संयोग में किया जाएगा। आइए जानें चैत्र नवरात्रि का पूरा कैलेंडर

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 07, 2026 पर 5:09 PM
Chaitra Navratri 2026: तीन शुभ योग और एक दुर्लभ संयोग में होगी चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना, जानें तारीख, मुहूर्त और कैलेंडर
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हिंदू वर्ष की शुरुआत इसी त्योहार से होती है।

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का बहुत पवित्र और प्रमुख आयोजन होता है। चैत्र नवरात्रि की शुरुआत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हिंदू वर्ष की शुरुआत इसी त्योहार से होती है। नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ दिव्य रूपों की पूजा की जाती है। हिंदू कैलेंडर में चार नवरात्रि आती हैं, जिनमें दो गुप्त नवरात्रि होती है। गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की नौ दिव्य शक्तियां और विद्याओं की पूजा की जाती है।

इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से 27 मार्च के बीच मनाई जाएगी। इसमें प्रतिपदा तिथि पर कलश स्थापना की जाती है, जो इस बाद तीन शुभ योगों में होगी। साथ ही इस साल कलश स्थापना अमावस्या तिथि पर करने का अत्यंत दुर्लभ संयोग भी लगभग 72 साल के बाद बन रहा है। इतना ही नहीं, पंचांग के अनुसार इस साल की चैत्र नवरात्रि पूरे नौ दिनों का पर्व होगी।

19 से शुरू होगी चैत्र नवरात्रि

हिन्दू पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 19 मार्च को सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर हो रही है। इसका समापन 20 मार्च को तड़के 4 बजकर 50 मिनट पर होगा। 19 मार्च को सूर्योदय अमावस्या तिथि में ही होगा। लिहाजा पूरे दिन अमावस्या तिथि का ही मान्य होगा। काशी के ज्योतिषाचार्य स्वामी कन्हैया महाराज ने बताया कि अमावस्या तिथि में कलश स्थापना का दुर्लभ संयोग करीब 72 साल बाद बन रहा है।

3 शुभ संयोग में कलश स्थापना

चैत्र नवरात्रि 2026 के पहले दिन ग्रह नक्षत्रों का तीन अत्यंत शुभ संयोग भी बन रहा है। 19 मार्च को शुक्ल, ब्रह्म और सर्वार्थ सिद्धि योग का महासंयोग है। ये तीनों ही योग बेहद शुभकारी योग माने जाते हैं।

शुक्ल योग : 19 मार्च, प्रात:काल से लेकर देर रात 01:17 बजे तक

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