Chandra Grahan 2026: आज दोपहर इस साल का एक ऐसा दुर्लभ नजारा घटित होगा, जिसके गवाह भारत के राज्यों के प्रमुख शहर बनेंगे। ये साल का पहला चंद्र ग्रहण होगा, जो फाल्गुन पूर्णिमा को लगेगा। ये चंद्र ग्रहण फाल्गुन मास की पूर्णिमा को लगेगा और भारत में नजर आएगा। इसलिए इसका सूतक काल भी माना जाएगा। चंद्र ग्रहण खगोलीय घटना है, जिसका हिंदू धार्मिक रीति-रिवाज में बहुत गहरा प्रभाव है। आइए जानें इस ग्रहण से जुड़ी बेहद जरूरी और अहम बातों के बारे में
चंद्र ग्रहण दोपहर को 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा। और शाम को 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगा। इसका सूतक काल सुबह 6 बजकर 20 मिनट से लागू हो जाएगा। यह चंद्र ग्रहण भारत के कई बड़े शहरों में दिखाई देने वाला है।
ग्रहण काल में उदित होगा चंद्रमा
3 मार्च को भारत में चंद्रमा का उदय शाम 06.20 बजे से शाम 06.30 बजे के बीच हो सकता है। जबकि ग्रहण दोपहर 3.20 बजे शुरू हो जाएगा, इसलिए आज चंद्रमा ग्रहण काल में उदित होगा। ऐसे में भारत में करीब साढ़े 6 बजे चंद्र ग्रहण दिखना शुरू होगा और शाम 06.46 बजे तक दिखेगा। पूर्ण चंद्र ग्रहण शाम 4 बजकर 34 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 33 मिनट तक होगा।
3 मार्च का चंद्र ग्रहण भारत के कई बड़े शहरों में दिखाई देने वाला है। चंद्र ग्रहण दिल्ली-एनसीआर, कोलकाता, चेन्नई, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद, पटना, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, इम्फाल, शिलॉन्ग, कोहिमा और ईटानगर में दिखाई देने वाला है।
चंद्र ग्रहण में इन मंत्रो का जाप करें
हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे
चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद ये जरूर करें
चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद व्यक्ति को स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिए और पूरे घर में गंगाजल छिड़कना चाहिए। इसके बाद देवी-देवताओं को स्नान आदि कराने के बाद उनका विधि-विधान से पूजा करना चाहिए। साथ ही साथ यथा संभव अन्न और धन आदि का दान करना चाहिए।
चंद्र ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के लिए व्यक्ति को सूतक काल शुरू होने से पहले भोजन कर लेना चाहिए और इस दौरान विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। चंद्र ग्रहण के समय अपने आराध्य देवता अथवा चंद्रमा समेत नवग्रह का मंत्र जपें अथवा किसी धार्मिक ग्रंथ का पाठ करें। मान्यता है कि ऐसा करने पर ग्रहण की नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है।