Chandra Grahan 2026: होली पर चंद्र ग्रहण का रहेगा साया, जानें इस दिन के नियम, सूतक और कब खेली जाएगी रंगों की होली

Chandra Grahan 2026: इस साल होली के त्योहार पर साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ये एक खगोलीय घटना है, लेकिन इसका धार्मिक महत्व भी है। इसलिए लोगों इस बात को लेकर भ्रम है, कि चंद्र ग्रहण के कारण होली खेली जाएगी या नहीं और सूतक कब से लगेगा

अपडेटेड Feb 20, 2026 पर 1:42 PM
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साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण इस साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा को 3 मार्च के दिन लगेगा।

Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जो हमेशा पूर्णिमा तिथि पर लगता है। साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण इस साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा को 3 मार्च के दिन लगेगा। साल का पहला ग्रहण और प्रमुख हिंदू पर्व होली का समय आपस में टकरा रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है और इसके अगले दिन यानी चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को रंगो का त्योहार होली मनाया जाता है। लेकिन इस साल ग्रहण के कारण लोग भ्रम में हैं कि होलिका दहन किस दिन होगा, रंगों का पर्व होली कब मनाया जाएगा, ग्रहण का सूतक काल कब से लगेगा, इसमें क्या करें और क्या न करें? आइए जानें इन सभी सवालों के जवाब।

चंद्र ग्रहण 2026: तारीख और समय

चंद्र ग्रहण 3 मार्च, 2026

चंद्र ग्रहण का समय : दोपहर 03:20 बजे से शाम 06:47 बजे तक

क्या ये भारत में देखा जा सकेगा?

साल का पहला चंद्र ग्रहण भारतीय खगोल प्रेमियों के लिए दिलचस्प नजारा लेकर आएगा। भारत में इस अद्भुत खगोलीय घटना को देख पाएंगे।


चंद्रोदय : शाम 06:26

अधिकतम ग्रहण : शाम 06:33 बजे से शाम 06:40 बजे तक

ग्रहण खत्म : शाम 06:47 बजे

यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, लेकिन भारत में ग्रहण का लगभग 20 मिनट का सिर्फ आखिरी हिस्सा ही देखा जा सकेगा। इस ग्रहण का छाया का संपर्क दोपहर में पहले शुरू होगा जब पृथ्वी की पेनम्ब्रल छाया पहली बार चंद्रमा के संपर्क में आएगी।

सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा ग्रहण

यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि के तहत पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में पड़ेगा। इसलिए, सिंह राशि की महिलाओं को सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि चंद्र ग्रह स्त्री ऊर्जा, मन, भावनाओं, संवेदनशीलता, पानी और मातृत्व का प्रतीक है। यह आपके जीवन में भावनात्मक और मानसिक असंतुलन और दूसरी मुश्किलें भी पैदा कर सकता है।

चंद्र ग्रहण क्या है?

जब पृथ्वी सीधे सूर्य और चंद्रमा के बीच से गुजरती है, तो उसकी छाया चंद्रमा की सतह पर पड़ती है, जिससे चंद्र ग्रहण होता है। इस खगोलीय घटना का ज्योतिषीय, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी है।

होली 2026 का मुहूर्त क्या है?

फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत, 02 मार्च 2026 को शाम 05 बजकर 55 मिनट से शुरू हो जाएगी, जिसका समापन 03 मार्च 2026 शाम 05 बजकर 07 मिनट पर होगा। इस तरह से कुछ जगहों पर होलिका दहन 2 मार्च और कुछ स्थानों पर 03 मार्च को किया जाएगा।

होली पर क्या करें?

ग्रहण काल साधना और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए अच्छा समय माना जाता है।

  • ग्रहण के समय दान देना शुभ माना जाता है।
  • मन को शांत रखें और सकारात्मक सोच पर ध्यान दें।

ये नहीं करें?

3 मार्च को ग्रहण और सूतक काल के कारण रंग खेलना शुभ नहीं माना जा रहा है।

  • ग्रहण काल में तामसिक कामों से बचा जाता है।
  • परंपरागत मान्यताओं में ग्रहण काल में इनसे दूर रहने की सलाह दी जाती है।

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