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Chaturmaas 2026 Upay: चतुर्मास में तुलसी के ये 5 उपाय बढ़ाएंगे जीवन में धन-धान्य, जानें कब और कैसे करें पूजा

Chaturmaas 2026 Upay: आज आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। आज देवशयनी एकादशी का व्रत किया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन तुलसी माता के 5 उपाय करने से जीवन में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होगी। आइए जानें इनके बारे में

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 25, 2026 पर 7:28 PM
Chaturmaas 2026 Upay: चतुर्मास में तुलसी के ये 5 उपाय बढ़ाएंगे जीवन में धन-धान्य, जानें कब और कैसे करें पूजा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है और उन्हें विष्णुप्रिया कहा जाता है।

Chaturmaas 2026 Upay: देवशयनी एकादशी के दिन सृष्टि के पालनहार श्री हरि विष्णु चार माह के शयन के लिए पाताल लोक प्रस्थान करते हैं। इसलिए आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। ये चार माह जब भगवान विष्णु शयन करते हैं, उसे ही चतुर्मास कहते हैं। यह अवधि सावन, भादों, आश्विन और कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तक रहती है। इन चार महीनों के दौरान हिंदू धर्म में मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है। चतुर्मास के दौरान तुलसी के कुछ उपाय करना भी लाभकारी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है और उन्हें विष्णुप्रिया कहा जाता है। इसलिए माना जाता है कि आज के दिन तुलसी के 5 उपाय करने से मां लक्ष्मी की कृपा सदा घर-परिवार पर बनी रहती है और सुख-समृद्धि आती है।

तुलसी नामाष्टक का पाठ करें : चतुर्मास में तुलसी के पौधे के सामने तुलसी नामाष्टक का 108 बार जाप करने से आर्थिक तंगी और कर्जों से मुक्ति मिलती है। तुलसी माता के 8 नाम वृंदा, वृंदानी, श्वपावनी, विश्वपूजिता, पुष्पसारा, नंदिनी, कृष्णजीवनी और तुलसी का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है।

तुलसी माता का करें श्रृंगार : चतुर्मास के दौरान तुलसी माता को 16 श्रृंगार का सामान अर्पित करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। तुलसी माता की कृपा से जीवन में आर्थिक संपन्नता आती है।

तुलसी पर जलाएं दीपक : तुलसी के पास दीपक जलाने से करियर और व्यापारिक बाधाएं दूर होती हैं और सफलता के साथ मां लक्ष्मी की कृपा से आर्थिक उन्नति के मार्ग खुलते हैं। मान्यता है कि इस दिन 11, 21 या 51 दीपक जलाने चाहिए। भक्ति भाव के साथ तुलसी चालीसा का पाठ करना चाहिए।

भगवान विष्णु को अर्पित करें तुलसी दल : भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल (तुलसी के पत्ते) का प्रयोग अनिवार्य माना गया है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु को भोग लगाते समय तुलसी दल जरूर शामिल करें। लेकिन एकादशी के दिन तुलसी नहीं तोड़नी चाहिए, पूजा के लिए तुलसी दल एक दिन पहले तोड़ लें।

तुलसी की करें परिक्रमा : तुलसी पूजन के बाद परिक्रमा करनी चाहिए। परिक्रमा करते समय 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम:' मंत्र का जाप करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से भाग्य का साथ मिलता है। भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है।

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