Chitragupta Puja Date Shubh Muhurat: 23 अक्टूबर को होगी चित्रगुप्त की पूजा, जानें पूजा शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व

Chitragupta Puja Date Shubh Muhurat: कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को चित्रगुप्त पूजा की जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान चित्रगुप्त इसी दिन ब्रह्मा जी के नाभि कमल से प्रकट हुए थे। इस साल ये पूजा 23 अक्टूबर के दिन की जाएगी। आइए जानें इसका शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व

अपडेटेड Oct 22, 2025 पर 12:34 PM
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इस साल भगवान चित्रगुप्त की पूजा 23 अक्टूबर के दिन की जाएगी।

Chitragupta Puja Date Shubh Muhurat: भगवान चित्रगुप्त कायस्थ समाज के इष्टदेव हैं और संसार के सभी जीवों के कर्मों का हिसाब करते हैं। यूं तो साल में दो बार चित्रगुप्त जी की पूजा कायस्थ समाज द्वारा की जाती है, लेकिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि का विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार चित्रगुप्त भगवान इसी दिन ब्रह्मा जी के नाभि कमल से प्रकट हुए थे। भगवान चित्रगुप्त की पूजा भाई दूज के दिन होती है और ये पांच दिनों के दीपावली पर्व का अंतिम दिन भी होता है। इस साल ये पर्व 23 अक्टूबर के दिन मनाया जाएगा। आइए जाने इस दिन पूजा का शुभ   मुहूर्त क्या होगा, पूजा विधि और महत्व

पूजा का शुभ मुहूर्त

चित्रगुप्त पूजा का आयोजन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को किया जाता है। इस दिन कलम, दवात और कागज और किताबों की पूजा की जाती है। इस साल भगवान चित्रगुप्त की पूजा 23 अक्टूबर के दिन की जाएगी। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:13 बजे से 3:28 बजे तक है। इस दिन आयुष्मान व शिववास योग भी बन रहे हैं।

ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04:45 बजे से सुबह 05:36 बजे तक

विजय मुहूर्त : दोपहर 01:58 बजे से दोपहर 02:43 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त : शाम 05:43 बजे से शाम 06:09 बजे तक


निशिता मुहूर्त : रात 11:40 बजे से मध्यरात्रि 12:31 बजे तक

पूजा विधि

  • सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें और पूर्व दिशा में चौकी पर साफ कपड़ा बिछाएं।
  • उस पर भगवान चित्रगुप्त की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • घी का दीपक जलाएं, चंदन, फूल और धूप अर्पित करें।
  • फिर एक नई कलम और सादा कागज पूजा स्थल पर रखें।
  • आरती के समय कलम की आरती करें और सादा कागज पर श्री गणेशाय नमः 11 बार लिखें।
  • भगवान चित्रगुप्त से अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति और ज्ञान-विवेक की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें।

चित्रगुप्त पूजा का महत्व

हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भगवान चित्रगुप्त की पूजा की जाती है। भगवान चित्रगुप्त को कायस्थ समाज के आराध्य देव माना जाता है। वे यमराज के सचिव हैं, जो मनुष्य के अच्छे और बुरे कर्मों का हिसाब रखते हैं। चित्रगुप्त महाराज कलम-दवात की मदद से समस्त जीवों के कर्मों का लेखा जोखा लिखते हैं। इसके आधार पर जीवों को नवजीवन मिलता है। चित्रगुप्त महाराज की पूजा करने से साधक को मनोवांछित फल मिलता है। साथ ही सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। इसलिए इस दिन कायस्थ समाज के लोग विशेष रूप से पूजा-अर्चना करते हैं और अपने लेखन साधनों की पूजा कर उनसे ज्ञान और बुद्धि की प्रार्थना करते हैं।

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