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Devshayani Ekadashi 2026: आज योग निद्रा में जाएंगे भगवान विष्णु, भद्रा से बचकर इस समय पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से करें श्रीहरि की पूजा

Devshayani Ekadashi 2026: आज आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। आज देवशयनी एकादशी व्रत के साथ भगवान विष्णु का शयन काल शुरू होगा। हिंदू धर्म में इस एकादशी तिथि का विशेष स्थान है। आइए जानें आज भद्रा से बचते हुए किस समय कर सकते हैं देवशयनी एकादशी व्रत

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 25, 2026 पर 7:00 AM
Devshayani Ekadashi 2026: आज योग निद्रा में जाएंगे भगवान विष्णु, भद्रा से बचकर इस समय पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से करें श्रीहरि की पूजा
देवशयनी एकादशी पर भद्रा सुबह 05:27 बजे से सुबह 11:34 बजे तक रहेगी।

Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी का व्रत हिंदू धर्म में विशेष स्थान रखता है। यह व्रत हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत के साथ भगवान विष्णु का शयन काल प्रारंभ होता है और चतुर्मास लग जाता है। चतुर्मास यानी सावन, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक के चार महीनों की अवधि। आषाढ़ शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु पाताल लोक में योग निद्रा में चले जाते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी को देवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं।

इन चार महीनों के दौरान हिंदू धर्म में कोई मांगलिक कार्य नहीं होते हैं। सृष्टि के संचालन का काम भगवान शिव संभालते हैं। इस साल देवशयनी एकादशी का व्रत आज, 25 जुलाई 2026 को किया जा रहा है। माना जाता है कि आज के दिन भगवान विष्णु की पूरे विधि-विधान से पूजा और उपवास करने से श्री हरि प्रसन्न होते हैं। आज देवशयनी एकादशी के दिन भद्रा लग रही है। इसलिए आइए जानें, आज पूजा के लिए भद्रा रहित मुहूर्त क्या होगा और अन्य शुभ मुहूर्त क्या हैं ?

देवशयनी एकादशी पर भद्रा

इस साल पंचांग के अनुसार, देवशयनी एकादशी पर भद्रा सुबह 05:27 बजे से सुबह 11:34 बजे तक रहेगी। इस दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेंगे। ऐसे में देवशयनी एकादशी पर पृथ्वी पर भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा।

देवशयनी एकादशी कब से कब तक?

एकादशी तिथि प्रारम्भ - जुलाई 24, 2026 को सुबह 09:12 बजे

एकादशी तिथि समाप्त - जुलाई 25, 2026 को सुबह 11:34 बजे

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