मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा और प्रमुख त्योहार ईद-उल-फितर होता है, जिसे प्यार और भाईचारे के संदेश के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार रमजान के पाक महीने के बाद आता है, जब लोग पूरे महीने अल्लाह की इबादत करते हैं, रोजा रखते हैं और नेक कामों में हिस्सा लेते हैं। रमजान का महीना रहमत, मगफिरत और बरकत का माना जाता है। महीने के दौरान लोग बुराई से दूर रहते हैं, जरूरतमंदों की मदद करते हैं और जकात का महत्व समझते हैं। रमजान खत्म होने के बाद ईद मनाई जाती है, जिसे मीठी ईद भी कहा जाता है।
हर साल ईद की तारीख को लेकर कन्फ्यूजन बना रहता है क्योंकि यह नया चांद दिखाई देने पर तय होती है। इस बार भी माना जा रहा है कि भारत में ईद 20 या 21 मार्च को मनाई जा सकती है। अलग-अलग देशों में चांद दिखाई देने के समय के अनुसार तारीखों में अंतर होता है। ईद का दिन खुशियों, मिठाइयों और मिलन-जुलन का प्रतीक होता है।
रमजान का आखिरी हफ्ता शुरु हो चुका है और साथ ही ईद की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। इस दौरान लोग घर और बाजार सजाते हैं, मिठाइयों और कपड़ों की खरीदारी करते हैं। रमजान खत्म होते ही शव्वाल महीने की शुरुआत होती है और चांद दिखने पर नया महीना शुरू होता है।
भारत, सऊदी अरब और यूएई में अलग-अलग तारीख
ईद की तारीख अलग-अलग देशों में इसलिए बदलती है क्योंकि नया चांद हर जगह अलग-अलग समय पर दिखाई देता है। सऊदी अरब और यूएई में चांद भारत से पहले दिख सकता है, इसलिए वहां ईद एक दिन पहले मनाई जाती है।
भारत में ईद की संभावित तारीख
एस्ट्रोनॉमिक सेंटर के अनुसार भारत में 19 मार्च की रात नया चांद दिख सकता है। अगर ऐसा होता है तो ईद 20 मार्च को मनाई जाएगी। किसी कारणवश अगर चांद नहीं दिखा, तो ईद 21 मार्च को होगी।
सऊदी अरब में रोजा 18 फरवरी से शुरू हुए थे। वहां चांद 18 मार्च की रात दिखने की संभावना है। अगर ऐसा हुआ तो ईद 19 मार्च को होगी, नहीं तो 20 मार्च को।
रमजान इस साल 29 या 30 दिनों का हो सकता है। नया चांद दिखने पर ही तय होगा कि इस बार रमजान 29 दिन का है या 30। 30 रोजे पूरे होने पर ईद का महत्व और भी बढ़ जाता है।
रमजान को रहमत, मगफिरत और बरकत का महीना माना जाता है। महीने के पहले 10 दिन रहमत के, अगले 10 दिन मगफिरत के और आखिरी दिन जहन्नम की आग से बचाव के होते हैं। इस महीने में रोजा रखने से आत्मा शुद्ध होती है। जकात का भी विशेष महत्व है, जो व्यक्ति की सालाना बचत का 2.5 प्रतिशत होता है।
ईद का सबसे बड़ा संदेश भाईचारा और मेल-जोल है। इस दिन लोग एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई देते हैं, मिठाइयां और शीर-खुरमा बांटते हैं। लोग गिले-शिकवे भुलाकर खुशियाँ मनाते हैं और त्योहार का जश्न बड़े धूमधाम से मनाते हैं।