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Ganesh Chaturthi 2025: गणेश चतुर्थी पर मूर्ति स्थापना का सही तरीका, जानें शुभ दिशा और आकार

Ganesh Chaturthi 2025: गणेश चतुर्थी का उत्सव इस बार 27 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। घर-घर में गणपति बप्पा की स्थापना होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मूर्ति का स्थान, मुख और सामग्री आपकी पूजा को शुभ या कठिन बना सकते हैं? जानिए ये अहम बातें, जो आपके उत्सव को और भी खास बना देंगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 24, 2025 पर 8:18 AM
Ganesh Chaturthi 2025: गणेश चतुर्थी पर मूर्ति स्थापना का सही तरीका, जानें शुभ दिशा और आकार
ganesh chaturthi 2025: गणेश चतुर्थी का शुभ आरंभ 27 अगस्त से होने जा रहा है।

गणेश चतुर्थी, हिंदू धर्म का एक अत्यंत प्रिय और उल्लासपूर्ण त्योहार, हर साल बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। ये पर्व 10 दिनों तक चलता है और इस दौरान हर घर में गणपति बप्पा की मूर्ति स्थापित की जाती है। इस बार गणेश चतुर्थी का शुभ आरंभ 27 अगस्त से होने जा रहा है। परिवार के सदस्य इस अवसर पर सज-धज कर गणपति जी का स्वागत करते हैं, साथ ही उनकी पूजा-अर्चना में भाग लेते हैं। यदि आप भी इस बार घर में गणेश जी की स्थापना करने वाले हैं, तो कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है।

मूर्ति का स्थान, उसका मुख, सूंड़ की दिशा, आकार और सामग्री पूजा को शुभ और फलदायक बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। सही दिशा और उपयुक्त मूर्ति के चयन से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, वातावरण पवित्र बनता है और ये त्योहार अधिक आनंददायक अनुभव बन जाता है।

उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापना

गणेश जी की मूर्ति घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करना शुभ माना जाता है। मूर्ति का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि उत्तर दिशा को भगवान शिव का निवास स्थान माना गया है और गणेश जी शिव पुत्र हैं। इस दिशा में गणेश जी की स्थापना घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाती है।

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