Hindu Nav Varsh: शुरू होने वाला है विक्रम संवत 2083, जानें इस साल के राजा और मंत्री कौन होंगे?

Hindu Nav Varsh: हिंदू नव वर्ष शुरू होने का समय पास आ रहा है। विक्रम संवत 2083 की शुरूआत चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से होगी। हिंदू व्रत और त्योहार विक्रम संवत की तिथियों के हिसाब से मनाए जाते हैं। आइए जानें इस साल हिंदू नव वर्ष कब से शुरू होगा और इसके राजा और मंत्री के बारे में

अपडेटेड Mar 05, 2026 पर 7:01 PM
विक्रम संवत 2083 की शुरूआत चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से होगी।

Hindu Nav Varsh: हिंदू धर्म में नव संवत्सर को नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। ये मौसम के परिवर्तन फसलों के नए सीजन ही नहीं व्रत और त्योहारों के नए वर्ष का प्रतीक होता है। इसकी शुरुआत हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सृष्टि की रचना इसी दिन से आरंभ हुई थी। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के सभी व्रत और त्योहारों की तारीखें इसी कैलेंडर के अनुसार तय होती हैं। हिंदू नव संवत्सर के राजा और मंत्री अलग-अलग होते हैं। आइए जानें इस साल हिंदू नव वर्ष कब से शुरू हो रहा है और इसके राजा और मंत्री कौन हैं ?

नव संवत्सर 2083 का नाम रौद्र संवत्सर होगा

हिंदू नववर्ष यानि विक्रम संवत 2083 की शुरुआत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से होती है। इस साल इसकी शुरुआत 19 मार्च से होगी। 19 मार्च को को गुरुवार का दिन है इसलिए हिंदू नववर्ष 2083 के राजा गुरु ग्रह ही होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि जिस दिन से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है उस वार का स्वामी ही वर्ष का राजा होता है। नव संवत्सर गुरुवार से शुरू होने के कारण इसके राजा भी देवगुरु बृहस्पति होंगे। वहीं हिंदू नववर्ष के मंत्री मंगल ग्रह होंगे। इस संवत का नाम रौद्र होगा। रौद्र नाम के इस संवत में कई परेशानियां देश-दुनिया में पैदा होने की बात कही जा रही है।

रौद्र संवत 2083 का प्रभाव

इस संवत में विभिन्न देशों के बीच राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिल सकती है। राष्ट्राध्यक्ष एक-दूसरे का विरोध करते देखे जा सकते हैं। युद्ध की स्थितियां भी इस संवत में बढ़ेंगी। आगजनी और दुर्घटनाएं इस साल में हो सकती हैं। रौद्र नाम के इस संवत में बारिश भी कम होगी और फसलों के दाम भी बढ़ सकते हैं।

इस दिन शुभ होता है ये चीजें लाना


ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, हिंदू वर्ष के पहले दिन कुछ चीजों को घर लाना बेहद मंगलकारी होता है। माना जाता है कि इन वस्तुओं से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

एकाक्षी नारियल : एकाक्षी नारियल बहुत दुर्लभ और शुभ माना जाता है। इसे साक्षात देवी लक्ष्मी का रूप मानते हैं। नववर्ष पर इसे लाल कपड़े में लपेटकर विधि-विधान से पूजा करें और धन के स्थान पर रख दें। इससे आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं।

गोमती चक्र : सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक गोमती चक्र हिंदू नववर्ष पर घर में लाने से बेवजह के खर्चों पर रोक लगती है और घर में बरकत बनी रहती है। नव संवत्सर के पहले दिन 11 गोमती चक्र लेकर उन्हें पीले या लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रखें।

मोर पंख : भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय मोर पंख घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है। नए साल के पहले दिन घर में मोर पंख लाकर पूर्व दिशा या मंदिर में रखने से वास्तु दोष दूर होते हैं और सकारात्मकता आती है।

श्री यंत्र : धन, वैभव और ऐश्वर्य का प्रतीक श्री यंत्र आर्थिक स्थिति मजबूत करता है और एकाग्रता बढ़ाता है। नव संवत्सर एक सिद्ध श्री यंत्र घर लाएं और इसे लाल कपड़े पर अपनी तिजोरी या पूजा स्थल में रखें।

दक्षिणावर्ती शंख : हिंदू धर्म में दक्षिणावर्ती शंख को साक्षात माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। नए साल के पहले दिन इसे घर लाकर पूजा घर में स्थापित करने से जीवन में सुख-शांति आती है। ऐसी मान्यता है कि इसकी रोजाना पूजा से घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती है।

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