Holi 2026: होली पर चंद्र ग्रहण का साया, आधी रात में जलेगी होलिका और दो दिन बाद खेला जाएगा रंग

Holi 2026: होली हिंदू धर्म के सबसे बड़े त्योहारों में से एक माना जाता है। इस साल होली के पर्व की तारीख को लेकर लोगों में काफी कन्फ्यूजन है, क्योंकि इस साल होली के मौके पर चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। आइए जानें इस साल होलिका दहन का समय और होली की तारीख क्या रहेंगे

अपडेटेड Jan 20, 2026 पर 8:37 PM
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इस साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण लग रहा है।

Holi 2026: होली का त्योहार हर साल चैत्र कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को मनाया जाता है। इससे एक दिन पहले फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है। लेकिन इस साल होली की तारीख को लेकर लोगों में काफी भ्रम है और इस भ्रम की वजह है चंद्र ग्रहण। इस साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण लग रहा है। इस वजह से होलिका दहन के समय और रंगों के पर्व होली की तारीख को लेकर लोगों को काफी कंफ्यूजन है। आइए जानें इसकी सही तारीख और होलिका दहन का समय

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

अलग-अलग पंचांगों में अलग-अलग दिन होली मनाने की बात लिखी है। कहीं 3 मार्च को होली बताया जा रहा है, तो कहीं 4 मार्च को इस उत्सव को मनाने का जिक्र है। काशी के ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्याय ने लोकल 18 को बताया कि होली महापर्व से पहले होलिका दहन होता है। लेकिन इस बार चंद्र ग्रहण होने की वजह से होली का त्योहार होलिका दहन के अगले दिन नहीं बल्कि एक दिन बाद मनाया जाएगा।

होलिका दहन का समय

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च 2026 को शाम से होगी जो अगले दिन यानी 3 मार्च को शाम 4 बजकर 40 मिनट तक रहेगी। पूर्णिमा तिथि की शुरुआत के साथ ही भद्रा की शुरुआत भी हो जाएगी। ऐसे में होलिका दहन का सही समय 2 मार्च को रात 12 बजकर 50 मिनट से 2 बजकर 5 मिनट के बीच होगा, क्योंकि इस दिन ही रात्रिकालीन पूर्णिमा तिथि मिल रही है। शास्त्रों में होलिका दहन के लिए रात्रिकालीन पूर्णिमा का होना आवश्यक है।

4 मार्च को मनाई जाएगी होली


आमतौर से होलिका दहन के अगले दिन ही होली मनाई जाती है, लेकिन इस बार अगले दिन शाम को चंद्रग्रहण भी लग रहा है। यह चंद्रग्रहण 3 मार्च को शाम 6 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा। इस दिन चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि का मान्य भी नहीं होगा। ऐसे में इस बार होली 4 मार्च को मनाई जाएगी।

रंग भरी एकदशी पर होंगे सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग

इस वर्ष होलाष्टक 24 फरवरी से प्रारंभ होगा, जबकि 27 फरवरी को रंगभरी एकादशी मनाई जाएगी। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इसे अत्यंत शुभ माना जा रहा है। काशी में मसान की होली इस साल 28 फरवरी को खेली जाएगी।

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