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Holika Dahan 2026 Auspicious Time: चंद्र ग्रहण और भद्रा के साये में आज आधी रात को होगा होलिका दहन, जानें कब से कब तक है ये दुर्लभ मुहूर्त

Holika Dahan 2026 Auspicious Time: इस साल होलिका दहन पर चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग 100 साल बाद बना है। इसलिए इस साल होलिका दहन और होली के बीच एक दिन का व्यवधान आ रहा है। इसके अलावा भद्रा का भूलोक में वास भी होलिका दहन के आधी रात में होने की एक बड़ी वजह है

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 02, 2026 पर 9:59 PM
Holika Dahan 2026 Auspicious Time: चंद्र ग्रहण और भद्रा के साये में आज आधी रात को होगा होलिका दहन, जानें कब से कब तक है ये दुर्लभ मुहूर्त
इस साल होलिका दहन अर्द्ध रात्रि में 01:23 बजे से 02:34 बजे तक 1 घंटे 10 मिनट का समय उपलब्ध है।

Holika Dahan 2026 Auspicious Time: होली के पर्व से पहले की रात को यानी फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन किया जाता है। लेकिन इस साल फाल्गुन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग ने हिंदू धर्म के इस बेहद प्रमुख पर्व में व्यवधान उत्पन्न कर दिया है। इतना ही नहीं, होली पूर्णिमा की तिथि लगने के साथ ही भद्रा काल लगने से होलिका दहन और होली के बीच एक दिन पूरा खाली रहेगा। साल 2026 का होलिका दहन आज मध्यरात्रि में होगा, क्योंकि कल लग रहा ग्रहण भारत में दिखाई देगा इसलिए इसका सूतक माना जाएगा। सूतक कल सुबह लगभग 6 बजे से लग जाएगा। वहीं, पूर्णिमा तिथि आज से लग गई है और इसके साथ ही भद्रा काल भी शुरू हो चुका है, जो पूरी रात रहेगा। होलिका दहन में भद्रा का विचार किया जाता है, इसलिए भद्रा मुख का त्याग कर भद्र पुच्छ काल में होलिका दहन आज मध्यरात्रि में किया जाएगा।

इस समय होलिका दहन होगा शुभ

2 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 2 मार्च 2026 को शाम 5:56 बजे शुरू होकर 3 मार्च 2026 को शाम 5:07 बजे तक समाप्त होगी। इस साल होलिका दहन के लिए अर्द्ध रात्रि में 01:23 बजे से 02:34 बजे तक 1 घंटे 10 मिनट का समय उपलब्ध है। 2 मार्च को शाम 5:56 बजे भद्रा काल प्रारंभ होगा, जो 3 मार्च सुबह 5:28 बजे तक रहेगा। इस वर्ष भद्रा भूलोक में और सिंह राशि में मानी जा रही है, भद्रा पुच्छ मध्यरात्रि 01:23 से 02:34 तक रहेगी, जिसमें परंपरा के अनुसार होलिका दहन किया जा सकता है, परन्तु भद्रा समाप्ति के बाद कदापि नहीं करें। यदि भद्रा निशीथकाल से आगे तक रहे तो (भद्रा मुख को छोड़कर) होलिका दहन भद्रा पुच्छ में किया जाना चाहिए। इस दिन भद्रा सायं 05:56 से अन्तरात्रि 05:28 तक भूमिलोक (नैऋत्यकोण अशुभ) की रहेगी, जो कि सर्वथा त्याज्य है।

3 मार्च को इस समय शुरू होगा चंद्र ग्रहण

3 मार्च को दोपहर 3:20 बजे चंद्र ग्रहण शुरू होगा और शाम 6:48 बजे समाप्त होगा। ग्रहण का सूतक मंगलवार सुबह 6:20 बजे से लागू होगा। ग्रहण पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र और सिंह राशि में बनेगा और भारत में दिखाई देगा। चंद्र ग्रहण होने से होलिका दहन 2 मार्च को एक दिन पहले ही करना शुभ रहेगा।

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