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Krishna Janmashtami 2025: आज घर में ऐसे करें श्रीकृष्ण की पूजा, नोट करें समय और विधि

Krishna Janmashtami 2025: इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी खास संयोगों के कारण बेहद पावन मानी जा रही है। गृहस्थ और वैष्णव संप्रदाय 16 अगस्त को एक साथ व्रत करेंगे। चंद्रोदय, रोहिणी नक्षत्र और छह दुर्लभ योग इसे विशेष बना रहे हैं। भक्त मानते हैं कि इस दिन पूजा से श्रीकृष्ण की कृपा और जीवन में सुख-समृद्धि मिलती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 16, 2025 पर 8:44 AM
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इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व विशेष होने वाला है। गृहस्थ और वैष्णव दोनों संप्रदाय इस बार एक ही दिन, शनिवार 16 अगस्त को व्रत करेंगे। पंचांग के अनुसार इस बार तिथि और नक्षत्र का ऐसा संयोग बन रहा है, जिसे जन्माष्टमी के लिए बेहद शुभ माना जाता है। अष्टमी तिथि का आरंभ 15 अगस्त की रात को होगा और अगले दिन तक चलेगा। इसी दौरान शनिवार की रात चंद्रोदय और रोहिणी नक्षत्र का योग बनेगा। पारंपरिक मान्यता के अनुसार जन्माष्टमी के उपवास और पूजन के लिए चंद्रोदय और रोहिणी नक्षत्र का एक साथ होना बहुत पावन माना जाता है।

यही कारण है कि इस वर्ष दोनों संप्रदाय एकमत होकर उसी दिन व्रत और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करेंगे। भक्तों का मानना है कि इस शुभ संयोग में पूजा करने से श्रीकृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

6 शुभ संयोग से और पावन बनेगी जन्माष्टमी

इस बार जन्माष्टमी पर कुल छह दुर्लभ योग बन रहे हैं अमृतसिद्धि, सर्वार्थसिद्धि, वृद्धि, ध्रुव, श्रीवत्स, गजलक्ष्मी और बुधादित्य योग। मान्यता है कि ये संयोग पूजा को अत्यंत फलदायी बनाते हैं और भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्त करना आसान होता है।

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