इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व विशेष होने वाला है। गृहस्थ और वैष्णव दोनों संप्रदाय इस बार एक ही दिन, शनिवार 16 अगस्त को व्रत करेंगे। पंचांग के अनुसार इस बार तिथि और नक्षत्र का ऐसा संयोग बन रहा है, जिसे जन्माष्टमी के लिए बेहद शुभ माना जाता है। अष्टमी तिथि का आरंभ 15 अगस्त की रात को होगा और अगले दिन तक चलेगा। इसी दौरान शनिवार की रात चंद्रोदय और रोहिणी नक्षत्र का योग बनेगा। पारंपरिक मान्यता के अनुसार जन्माष्टमी के उपवास और पूजन के लिए चंद्रोदय और रोहिणी नक्षत्र का एक साथ होना बहुत पावन माना जाता है।
