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Mahashivratri 2026: क्या एक ही हैं महाशिवरात्रि और शिवरात्रि? जानें दोनों में अंतर, महाशिवरात्रि की तारीख और व्रत के नियम

Mahashivratri 2026: शिवरात्रि और महाशिवरात्रि सुनने में एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन वे एक जैसे नहीं हैं। यहां दोनों में क्या अंतर है और महाशिवरात्रि क्यों खास है? इसका एक सरल और स्पष्ट अंतर समझते हैं। साथ ही जानेंगे इस साल महाशिवरात्रि कब मनाई जाएगी और इस व्रत के क्या नियम हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 06, 2026 पर 6:53 PM
Mahashivratri 2026: क्या एक ही हैं महाशिवरात्रि और शिवरात्रि? जानें दोनों में अंतर, महाशिवरात्रि की तारीख और व्रत के नियम
शिवरात्रि और महाशिवरात्रि सुनने में एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन वे एक जैसे नहीं हैं।

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि 2026 भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र हिंदू त्योहारों में से एक है। इसे हर साल बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। खासकर शिव भक्तों के लिए महाशिवरात्रि का पर्व बहुत बड़े उत्सव का अवसर माना जाता है। उस दिन पूरा देश शिवमय हो जाता है। लेकिन बहुत से भक्त शिवरात्रि और महाशिवरात्रि को एक ही मानते हैं। मगर, शिवरात्रि और महाशिवरात्रि सुनने में एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन वे एक जैसे नहीं हैं। यहां दोनों में क्या अंतर है और महाशिवरात्रि क्यों खास है? इसका एक सरल और स्पष्ट अंतर समझते हैं।

क्या है महाशिवरात्रि और शिवरात्रि में अंतर?

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, महाशिवरात्रि का पर्व हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाते हैं, वहीं मासिक शिवरात्रि का पर्व हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को होता है। हालांकि महाशिवरात्रि को आप फाल्गुन मासिक शिवरात्रि कह सकते हैं क्योंकि यह फाल्गुन माह की शिवरात्रि है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि को ही भगवान शिव पहली बार लिंग स्वरूप में प्रकट हुए थे। तब से उस तिथि को हर साल महाशिवरात्रि मनाई जाती है। यह भी माना जाता है कि भगवान शिव ने लिंग स्वरूप में जब दर्शन दिए थे, तब रात का समय था। इसलिए इस पर्व में रात के चार पहर पूजा विशेष महत्व है। महाशिवरात्रि का अर्थ है भगवान शिव की रात्रि।

कब है महाशिवरात्रि का व्रत?

फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 5:06 बजे शुरू होगी और 16 फरवरी को शाम 5:35 बजे समाप्त होगी। इस कारण, महाशिवरात्रि 15 फरवरी को त्रयोदशी-युक्त चतुर्दशी के साथ मनाई जाएगी।

महाशिवरात्रि 2026 पर रहेगा भद्रा काल

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, महाशिवरात्रि पर इस बार भद्रा काल रहेगा। हिंदू ज्योतिष के अनुसार, भद्रा के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। भक्तों को पूजा का समय सावधानी से चुनना चाहिए।

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