Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति का पर्व हर साल सूर्य भगवान के उत्तरायण होने के अवसर पर मनाया जाता है। इस दिन गंगा स्नान और उसके बाद दान का विशेष महत्व है। यह पर्व देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। यह त्योहार असल में सूर्य के राशि परिवर्तन के अवसर पर मनाया जाता है। सूर्य भगवान इस दिन देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु से निकल कर अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन के बाद सूर्य भगवान उत्तर दिशा की ओर बढ़ते हैं। इसके बाद सर्दियों का मौसम धीरे-धीरे विदा होता है। यह देश के कृषि मौसम से भी जोड़ा जाता है। इसलिए इस पर्व में नई फसल की उपज को ईष्ट पर अर्पित करने की भी परंपरा है। आइए जानें इस साल ये पर्व किस दिन मनाया जाएगा और इस दिन क्या करें और क्या नहीं करें?
