Mauni Amavasya 2026 Upay: मौनी अमावस्या पर ये 5 उपाय दिलाएंगे पितृ दोष से मुक्ति, खुलेंगे जीवन में तरक्की के द्वार

Mauni Amavasya 2026 Upay: मौनी अमावस्या का दिन हिंदू धर्म में बहुत पवित्र और चमत्कारी माना जाता है। इस दिन गंगा नदी में स्नान और उसके बाद दान का विशेष महत्व है। इस दिन पितरों के लिए दान और तर्पण करने से उनका आशीर्वाद मिलता है और पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है

अपडेटेड Jan 10, 2026 पर 7:54 PM
Story continues below Advertisement
इस साल मौनी अमावस्या 18 जनवरी दिन रविवार को है।

Mauni Amavasya 2026 Upay: माघ महीने में पड़ने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं। इस दिन को हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन तीर्थ स्नान करने से भगवान विष्णु की कृपा सहज ही प्राप्त हो जाती है। भगवान विष्णु को पितरों का देवता भी माना जाता है। इसलिए इस दिन जो लोग पितृ दोष से परेशान हैं या उनके पितर नाराज हैं, उनको मौनी अमावस्या के दिन कुछ उपाय करने चाहिए। आइए जानें मौनी अमावस्या पर किए जाने वाले उन 5 उपायों के बारे में, जिन्हें करने से पितृ दोष से मुक्ति मिल सकती है।

मौनी अमावस्या कब है?

इस साल मौनी अमावस्या 18 जनवरी दिन रविवार को है। पंचांग के अनुसार माघ मास की अमावस्या यानि मौनी अमावस्या की तिथि 18 जनवरी को मध्यरात्रि 12:03 बजे से लेकर 19 जनवरी को मध्यरात्रि 1:21 बजे तक है।

मौनी अमावस्या पर पितृ दोष शांति के लिए करें ये उपाय

गंगाजल से दें तर्पण : मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज के संगम स्नान से भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। स्नान के बाद अपने पितरों का गंगा जल से तर्पण दें। मोक्षदायिनी मां गंगा की कृपा से पितरों का उद्धार होगा। तर्पण के समय कुशा के पोरों से जल पितरों को तर्पित करें।

त्रिपिंडी श्राद्ध : पितृ दोष शांती के लिए काशी, गया या त्र्यंबकेश्वर में पितरों के लिए त्रिपिंडी श्राद्ध कराएं। त्रिपिंडी श्राद्ध कराने से पितृ दोष शांत हो जाता है। त्रिपिंडी श्राद्ध अपने तीन पीढ़ियों के पूर्वजों के लिए किया जाता है। इस श्राद्ध में ब्रह्मा, विष्णु और महेश की पूजा का विधान है। श्राद्ध के समय पूर्वजों को अन्न से बनाया गया पिंड दान करते हैं।


पितृ दोष से मुक्ति का पाठ : मौनी अमावस्या के दिन नाराज पितरों को प्रसन्न करने या पितृ दोष से मुक्ति के लिए पितृ सूक्त या पितृ कवच का पाठ करना चाहिए। इसके अलावा आप चाहें तो गीता के सातवें अध्याय का पाठ कर सकते हैं। इससे पितृ दोष मिटता है।

पितरों के लिए दान : मौनी अमावस्या के दिन स्नान के बाद दान जरूर करना चाहिए। इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार अन्न का दान करना चाहिए। पितरों के लिए सफेद वस्त्र का दान किया जाता है। ऐसे में आप मौनी अमावस्या पर अपने पितरों के लिए सफेद रंग के गरम कपड़ों का दान करें।

दीया जलाना : मौनी अमावस्या की शाम जब सूर्य डूब जाता है तो पितर पितृ लोक वापस लौटने लगते हैं। ऐसे में आपको अपने पितरों के लिए घर के बाहर दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का एक दीपक जलाना चाहिए। इसे देखकर वे खुश होते हैं और आशीर्वाद देते है। इस दिन पीपले के पेड़ के नीचे भी दीपक जलाया जाता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Hindu Nav Varsh 2026 Vikram Samvat 2083: 2026 में इस दिन से शुरू होगा हिंदू नववर्ष, नव संवत्सर में ज्येष्ठ माह आएगा दो बार

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।