Narak Chaturdashi Upay: दिवाली के पांच दिवसीय पर्व का दूसरा दिन कल होगा। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नरक चतुर्दशन या छोटी दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन लोग घरों की सजावट करते हैं और घर को दीपों से सजाते हैं। इस दिना मां लक्ष्मी, भगवान श्री कृष्ण और यमदेव की पूजा का बहुत महत्व माना जाता है। छोटी दिवाली पर यमदेव की पूजा करने से उनका आशीर्वाद मिलता है और अकाल मृत्यु का डर खत्म हो जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, नरक चतुर्दशी यमदेव का दिन होता है और इसी वजह से इस दिन घर की दक्षिण दिशा में विशेष रूप से यम का दीपक जलाने की परंपरा है। माना जाता है कि छोटी दिवाली के दिन अगर आप शमी के पौधे से जुड़े कुछ उपाय भी आजमाते हैं तो अकाल मृत्यु का भय भी खत्म हो जाता है। आइए जानें क्या है ये उपाय
शमी के पौधे के पास दीपक जलाएं
नरक चतुर्दशी के दिन शाम को यम का दीपक जलाने के साथ ही शमी के पौधे के पास भी एक घी का दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। इस उपाय के प्रभाव से जीवन से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। शमी का यह उपाय जीवन में अकाल मृत्यु का भी का भय दूर करता है। शमी के पौधे को दक्षिण दिशा में रखें। घर के मुख्य द्वार पर भी यदि शमी का पौधा रखना शुभ होगा। इस दिन शमी की आरती भी जरूर करनी चाहिए।
नरक चतुर्दशी की रात शमी के पौधे में लाल कलावा में कपूर बांधकर टांगें। लगभग एक घंटे के बाद इस कपूर में 7 लौंग डालकर जला दें। कपूर जलाने के बाद इसका धुआं पूरे घर में फैलने दें। इस उपाय से घर की सभी नकारात्मक शक्तियां दूर होंगी और जीवन में आने वाली बाधाएं समाप्त होंगी। इस उपाय को करते समय 'ॐ शमी शम्यते पापम्' मंत्र का जाप करें।
छोटी दिवाली के दिन शमी के पौधे में एक चुटकी हल्दी डालें और इसमें रोली का टीका लगाएं। यह उपाय आपकी किसी भी तरह की बुरी नजर और दुर्भाग्य से रक्षा करता है। नरक चतुर्दशी के दिन शमी के पौधे के तने पर हल्दी और रोली का टीका लगाना आपके लिए एक बहुत ही कारगर उपाय हो सकता है और इससे आपके जीवन का हर भय दूर हो सकता है।