Chaitra Navratri 2025: देवी के नौ स्वरूप और उनके प्रिय रंग, जानें किस दिन क्या पहनें

Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। हर देवी को एक विशेष रंग प्रिय होता है। जानिए कौन-से दिन कौन-सा रंग धारण करना शुभ माना जाता है और इन रंगों का आध्यात्मिक महत्व, जिससे मां दुर्गा की कृपा प्राप्त की जा सकती है

अपडेटेड Mar 27, 2025 पर 9:00 AM
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chaitra navratri 2025: हर दिन एक विशेष देवी की पूजा होती है, और उस दिन एक शुभ रंग धारण करने का विशेष महत्व बताया गया है।

नवरात्रि हिंदू धर्म में आस्था और शक्ति का महान पर्व माना जाता है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की विधिपूर्वक आराधना की जाती है। हर दिन एक विशेष देवी की पूजा होती है, और उस दिन एक शुभ रंग धारण करने का विशेष महत्व बताया गया है। यह रंग देवी के गुणों और शक्तियों का प्रतीक होते हैं और इन्हें अपनाने से सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। साल 2025 में चैत्र नवरात्रि 30 मार्च, रविवार से आरंभ हो रही है। भक्तगण पूरे नौ दिनों तक उपवास, पूजन और भक्ति में लीन रहकर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। ऐसा माना जाता है कि इन पवित्र रंगों को धारण करने से न सिर्फ मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है, बल्कि जीवन में शांति, समृद्धि और सफलता का संचार भी होता है।

हर रंग का अपना एक विशेष संदेश होता है—कहीं यह शक्ति का प्रतीक है, तो कहीं शांति, बुद्धि और समृद्धि का द्योतक। भक्तजन इन रंगों को पहनकर और अपने घर-मंदिर में इनका समावेश करके मां दुर्गा को प्रसन्न कर सकते हैं। आइए, जानते हैं नौ दिनों के शुभ रंग और उनका आध्यात्मिक महत्व

पहला दिन (मां शैलपुत्री)


नवरात्रि की शुरुआत मां शैलपुत्री की पूजा से होती है। इस दिन सफेद रंग पहनना शुभ माना जाता है, जो शुद्धता और शांति का प्रतीक है। यह रंग मानसिक शांति और नई शुरुआत का संदेश देता है।

दूसरा दिन (मां ब्रह्मचारिणी)

मां ब्रह्मचारिणी तपस्या और संयम की देवी हैं। इस दिन शाही नीला रंग धारण करने से सकारात्मक ऊर्जा और विश्वास मिलता है। यह रंग आत्मबल और आत्मविश्वास को दर्शाता है।

तीसरा दिन (मां चंद्रघंटा)

मां चंद्रघंटा शक्ति और साहस की प्रतीक हैं। इस दिन लाल रंग पहनना शुभ माना जाता है, जो उत्साह, प्रेम और शक्ति का प्रतीक है। मां को लाल चुनरी अर्पित करने से विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।

चौथा दिन (मां कूष्मांडा)

मां कूष्मांडा सृष्टि की रचनाकार मानी जाती हैं। इस दिन नीला रंग धारण करें, जो सच्चाई, आत्मविश्वास और स्थिरता का प्रतीक है।

पांचवा दिन (मां स्कंदमाता)

मां स्कंदमाता ममता और करुणा की देवी हैं। इस दिन पीला रंग पहनना बेहद शुभ होता है, जो खुशहाली और बुद्धिमत्ता का प्रतीक है।

छठा दिन (मां कात्यायनी)

मां कात्यायनी शौर्य और विजय की देवी हैं। इस दिन हरा रंग पहनने से प्रकृति, समृद्धि और नवजीवन का संचार होता है।

सातवां दिन (मां कालरात्रि)

मां कालरात्रि बाधाओं को दूर करने वाली देवी हैं। इस दिन ग्रे रंग पहनना शुभ होता है, जो संतुलन और धैर्य का प्रतीक माना जाता है।

आठवां दिन (मां महागौरी)

मां महागौरी शुद्धता और ज्ञान की देवी हैं। इस दिन बैंगनी रंग पहनने से आध्यात्मिक ऊर्जा और शक्ति प्राप्त होती है।

नौवां दिन (मां सिद्धिदात्री)

नवरात्रि के अंतिम दिन हरा या जामुनी रंग धारण करें, जो समृद्धि और दिव्यता का प्रतीक है।

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