Nirjala Ekadashi 2026: आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी का व्रत है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गायत्र माता भी ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन प्रकट हुई थीं। इसलिए हर साल इस दिन गायत्री जयंती का पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि इस व्रत को करने से पाप मिटते हैं, मोक्ष के साथ सालभर की सभी 24 एकादशी व्रतों का पुण्य लाभ मिलता है। इस व्रत में जल और अन्न का सेवन नहीं करते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पांडु पुत्र भीम ने सिर्फ निर्जला एकादशी का व्रत किया था, इसलिए इस एकादशी को भीमसेनी एकादशी भी कहते हैं। इस साल निर्जला एकादशी और गायत्री जयंती के मौके पर 5 बेहद शुभ संयोग बन रहे हैं। इस दिन गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर कर रहे हैं और हंस महापुरुष राजयोग का निर्माण कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यह शुभ योग 200 साल बाद बना है।
