परशुराम जयंती हर साल अक्षय तृतीया के दिन मनाई जाती है, जो भगवान परशुराम के जन्मदिन के रूप में प्रसिद्ध है। परशुराम को हिंदू धर्म के सात अमर व्यक्तियों में से एक माना जाता है और उनका योगदान महाभारत तथा रामायण दोनों ही महाकाव्य में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। वे भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महान योद्धाओं के गुरु थे और उनकी शिक्षा से ही ये योद्धा शक्ति और युद्ध कला में निपुण हुए थे। भगवान परशुराम का स्वभाव उग्र और क्रोधित था, जिसके कारण देवी-देवता भी उनके क्रोध से डरते थे।
