Pitru Paksha 2026: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष की अवधि का विशेष महत्व है। यह लगभग 15 दिनों का समय होता है, जिसमें हम अपने परिवार के स्वर्गवासी हो चुके सदस्यों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थन, श्राद्ध और तर्पण करते हैं। पितृ पक्ष की शुरुआत भाद्रपद माह की पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन माह की अमावस्या यानी सर्वपितृ अमावस्या तक चलता है। माना जाता है कि इस अवधि में पितरों की आत्माएं पृथ्वी पर अपने परिजनों के पास आती हैं। इस दौरान उनके नाम से श्राद्ध, तर्पण, और पिंडदान करने से उन्हें शांति मिलती है और परिवार को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
