Get App

Pradosh Vrat 2025: शुक्र प्रदोष पर शिव पूजन के साथ करें ये उपाय, धन की नहीं रहेगी कमी

Pradosh Vrat 2025: प्रदोष व्रत 2025 में शुक्र प्रदोष का खास महत्व है। इस दिन व्रत रखने और शिवलिंग पर गन्ने के रस से अभिषेक करने से मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है। रात्रि में शिव मंदिर में दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है, जिससे आर्थिक संकट दूर होते हैं और धन लाभ के योग बनते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 24, 2025 पर 10:58 AM
Pradosh Vrat 2025: शुक्र प्रदोष पर शिव पूजन के साथ करें ये उपाय, धन की नहीं रहेगी कमी
Pradosh Vrat 2025: हर महीने की त्रयोदशी तिथि को आने वाला प्रदोष व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है।

अगर आप काफी समय से धन की तंगी, नौकरी में अस्थिरता या आर्थिक समस्याओं से परेशान हैं, तो आपके लिए शुक्र प्रदोष व्रत संजीवनी की तरह काम कर सकता है। ये व्रत 25 अप्रैल, शुक्रवार के दिन पड़ रहा है, जो अपने आप में अत्यंत शुभ संयोग है। शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित होता है, जो धन, ऐश्वर्य और वैभव की देवी मानी जाती हैं। वहीं, शुक्र ग्रह भी धन, सुख और भोग-विलास के कारक हैं। जब इन दोनों शक्तियों का मेल होता है और उस पर शिव जी की कृपा भी मिल जाए, तो जीवन की हर आर्थिक बाधा दूर होना निश्चित माना जाता है।

शुक्र प्रदोष व्रत न सिर्फ भक्तों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाता है, बल्कि मानसिक शांति, पारिवारिक सुख और समृद्धि का मार्ग भी खोलता है। आइए जानते हैं इस व्रत की महत्ता, पूजा विधि और इससे जुड़ी खास मान्यताओं के बारे में।

भोलेनाथ की विशेष कृपा का दिन

हर महीने की त्रयोदशी तिथि को आने वाला प्रदोष व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार ये व्रत 25 अप्रैल को शुक्रवार के दिन पड़ रहा है, जो इसे और भी शुभ बनाता है। इस दिन शाम 6:58 बजे से रात 9:13 बजे तक का समय पूजा के लिए सबसे उत्तम है। प्रदोष काल में शिव जी की उपासना से हर मनोकामना पूर्ण हो सकती है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें