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Pradosh Vrat 2026: शुक्र प्रदोष व्रत आज, जानें प्रदोष व्रत के ये जरूरी नियम जिनका पालन किए बिना नहीं मिलता पूरा पुण्य

Pradosh Vrat 2026: आज शुक्र प्रदोष व्रत किया जा रहा है। यह ज्येष्ठ अधिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का उपवास है। प्रदोष व्रत के कुछ नियम हैं, जिनका पालन करना व्रती के लिए जरूरी होता है। इनके बिना प्रदोष व्रत का पुण्य पूर्ण नहीं होता है। आइए जानें

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 12, 2026 पर 2:40 PM
Pradosh Vrat 2026: शुक्र प्रदोष व्रत आज, जानें प्रदोष व्रत के ये जरूरी नियम जिनका पालन किए बिना नहीं मिलता पूरा पुण्य
हिंदू मान्यता के अनुसार महादेव की पूजा मां पार्वती के बिना अपूर्ण मानी जाती है।

Pradosh Vrat 2026: आज ज्येष्ठ अधिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। इसलिए आज प्रदोष व्रत किया जा रहा है। यह व्रत हर हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में किया जाता है। लेकिन अधिक मास में आने वाली त्रयोदशी तिथि का महत्व बढ़ जाता है, क्योंकि इसमें हरि-हर का मिलन होता है। अधिक मास के स्वामी भगवान विष्णु हैं, जबकि प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है। इस व्रत में पूजा से लेकर प्रसाद के कुछ बेहद अहम नियम हैं। इनका पालन किए बिना व्रती का उपवास न तो पूरा माना जाता है और न ही इसका पूर्ण पुण्य उन्हें प्राप्त होता है।

प्रदोष व्रत के जरूरी नियम

  • धार्मिक मान्यता के अनुसार प्रदोष व्रत वाले दिन साधक को सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान करना चाहिए। इसके बाद महादेव का ध्यान करते हुए व्रत करने का संकल्प लेना चाहिए।
  • प्रदोष व्रत वाले दिन साफ और हो सके तो सफेद वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। इस दिन काले वस्त्र को धारण करने की मनाही है।
  • हिंदू मान्यता के अनुसार महादेव की पूजा मां पार्वती के बिना अपूर्ण मानी जाती है। इसलिए प्रदोष व्रत की पूजा तब तक अधूरी है, जब तक आप भोलेनाथ के संग माता पार्वती की पूजा नहीं करते हैं। प्रदोष व्रत का पूरा पुण्यफल पाने के लिए पूरे शिव परिवार की पूजा करनी चाहिए।
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