Rang Panchami 2026: 7 या 8 मार्च किस दिन मनाई जाएगी देवताओं की होली? जानें सही तारीख और क्यों मनाया जाता है ये पर्व?

Rang Panchami 2026: रंग पंचमी का पर्व होली के पांचवें दिन मनाया जाता है। इस दिन लोग गुलाल उड़ाते हैं और मानते हैं कि इससे देवता प्रसन्न होते हैं। यही वजह है कि इसे देवताओं की होली भी कहते हैं। आइए जानें इस पर्व की सही तारीख क्या है और ये पर्व क्यों मनाया जाता है

अपडेटेड Mar 06, 2026 पर 9:50 PM
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भगवान कृष्ण की नगरी ब्रज में होली पर्व का समापन रंग पंचमी के साथ ही होता है।

Rang Panchami 2026: जैसा कि नाम से ही समझ में आ रहा है, ये पर्व होली के त्योहार के पांच दिन बाद यानी चैत्र कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथ को मनाया जाता है। इस दिन को देवताओं की होली भी कहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण ने इस दिन राधा रानी के साथ होली खेली थी। इसी मोहक दृश्य को का साक्षी बनने के लिए देवी-देवता धरती पर आए थे। उन्होंने अबीर-गुलाल उड़ाया था और पुष्प वर्षा भी की थी। इसलिए इस दिन राधा-कृष्ण की पूजा करते हैं और अबीर-गुलाल उड़ा कर ये पर्व मनाते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से देवता प्रसन्न होते हैं और भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। आइए जानें इस साल देवताओं की होली का ये पर्व रंग पंचमी किस दिन मनाया जाएगा? और इस दिन का क्या महत्व है?

कब है रंग पंचमी 2026?

रंग पंचमी का पर्व चैत्र कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 07 मार्च 2026 को शाम 7 बजकर 17 मिनट से होगी। इस तिथि का समापन 08 मार्च 2026 को रात 9 बजकर 10 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, रंग पंचमी का पर्व इस साल 08 मार्च 2026 को मनाया जाएगा।

क्यों मनाते हैं रंग पंचमी?

रंग पंचमी का त्योहार मुख्य रूप से मध्यप्रदेश, ब्रज और महाराष्ट्र में मनाया जाता है। माना जाता है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने राधा रानी के साथ गुलाल की होली खेली थी। इस पावन अवसर पर देश के विभिन्न मंदिरों में रंगोत्सव और विशेष झांकियों का आयोजन किया जाता है। इस दिन जगह-जगह अनेक प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते हैं। बड़ी संख्या में सड़कों पर होली खेलने वालों का समूह निकलता है।

रंग पंचमी का महत्व


भगवान कृष्ण की नगरी ब्रज में होली पर्व का समापन रंग पंचमी के साथ ही होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन समस्त देवगण होली खेलने पृथ्वी पर आते हैं। ऐसे में देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त करने के उद्देश्य से लोग इस दिन आसमान की तरफ रंग-गुलाल उड़ाते हैं। जिससे देवता प्रसन्न होकर अपनी विशेष कृपा बरसाएं। इस दिन राधा-कृष्ण को गुलाल जरूर लगाना चाहिए।

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