Saphala Ekadashi 2025 Today: आज सफला एकादशी के दिन बच्चों की सफलता के लिए मांएं कर लें ये एक उपाय, जानें आज का मुहूर्त और पूजा विधि

Saphala Ekadashi 2025 Today: आज पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है और आज सफला एकादशी का व्रत किया जा रहा है। भगवान विष्णु को समर्पित आज का व्रत विशेष फलदायी माना जाता है। आज के दिन अपने बच्चों की सफलता के लिए मां द्वारा किया गया उपाय बहुत फलदायी होता है।

अपडेटेड Dec 15, 2025 पर 10:47 AM
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पौष माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को सफला एकादशी के नाम से जाना जाता है।

Saphala Ekadashi 2025 Today: पूरे हिंदू वर्ष में हर माह में दो एकादशी तिथियां, कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में आती हैं। इस तरह साल में 24 एकादशी आती हैं और सबका अलग-अलग महत्व और नाम होता है। पौष माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को सफला एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह व्रत यह भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे करने से जीवन के हर कार्य में सफलता प्राप्त होती है। इस वर्ष सफला एकादशी 15 दिसंबर 2025 को है और पारण 16 दिसंबर को किया जाएगा। सफला एकादशी के दिन बच्चों की सफलता के लिए कुछ उपाय अगर मां करती हैं, तो उससे बच्चों के रास्ते की सभी परेशानियां दूर हाती हैं। आइए जानें आज के दिन पूजा के मुहूर्त, विधि, पारण का समय और बच्चों के लिए किए जाने वाले उपाय

सफला एकादशी पूजा मुहूर्त

आज पूजा के दो शुभ मुहूर्त हैं, एक सुबह 07:04 से 08:24 और दूसरा सुबह 09:43 से 11:02 तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:43 रहेगा। शाम को शुभ मुहूर्त 04:20 से 05:39 तक रहेगा।

पूजा विधि

आज के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद हाथ में जल, चावल और फूल लेकर व्रत का संकल्प लें। घर और पूजा स्थल को साफ करें। शुभ मुहूर्त में लकड़ी के पटिए पर वस्त्र बिछाकर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। उन्हें फूलों की माला पहनाएं और कुमकुम से तिलक करें। घी का दीपक जलाएं। भगवान पर फूल, फल, रोली, अबीर अर्पित करें। पूजा के दौरान ॐ नमः भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। भगवान को भोग लगाएं, जिसमें तुलसी पत्र अवश्य शामिल करें। विष्णु सहस्रनाम और सफला की कथा का पाठ करें। अंत में आरती कर पूजा संपन्न करें।

सफला एकादशी व्रत पारण समय


सफला एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि, यानी मंगलवार, 16 दिसंबर 2025 को किया जाएगा। व्रत पारण का शुभ समय सुबह 07:07 बजे से 09:11 बजे तक रहेगा।

बच्चों की सफलता के लिए करें ये उपाय

सफला एकादशी के दिन मान्यता है कि मां अपने बेटे या बेटी के लिए अगर श्रद्धा और नियम से यह उपाय करती है, तो इससे बच्चों के जीवन में रुके हुए कार्यों में गति आती है। सफला एकादशी का अर्थ ही है, सफलता देने वाली एकादशी। कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु की कृपा से बिगड़े काम बनने लगते हैं। यदि संतान बार-बार मेहनत के बावजूद आगे नहीं बढ़ पा रही हो या सही फैसला न ले पा रही हो, तो यह उपाय लाभकारी माना जाता है।

सामग्री

  • एक साफ कपड़ा या सफेद कागज
  • थोड़ा सा नमक
  • 11 लौंग
  • 1 हरी इलायची
  • 3 तेज पत्ते
  • उपाय करने की विधि

सभी सामग्री कपड़े या कागज में रखें और अच्छे से लपेट लें। मां इस पोटली को अपने बेटे या बेटी के ऊपर से 11 बार उतारें। उतारते समय इस मंत्र का जाप करें, “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः”। इसके बाद किसी कंडे (उपले) पर या गैस चूल्हे की आंच पर इस पोटली को जला दें।

मिलते हैं ये लाभ

आज के दिन ये उपाय करने से संतान के ऊपर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है। जलन, बाधा और किया-कराया प्रभाव खत्म होता है। पढ़ाई, परीक्षा और करियर में सफलता मिलती है। भटकी हुई बुद्धि सही दिशा में आती है। घर में ग्रोथ और सकारात्मक माहौल बनता है।

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