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Sawan 2026 dahi khane ke niyam: सावन में भूलकर भी नहीं खानी चाहिए ये चीजें, जानें भोलेनाथ के प्रिय माह में खान-पान के नियम

Sawan 2026 dahi khane ke niyam: सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है। भगवान शिव के प्रिय माने जाने वाले इस माह में कुछ चीजें खाना पूरी तरह वर्जित माना जाता है। आइए जानें कौन सी हैं ये चीजें और इन्हें सावन में क्यों नहीं खाना चाहिए? सावन में खान-पान के नियम क्या हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 31, 2026 पर 2:39 PM
Sawan 2026 dahi khane ke niyam: सावन में भूलकर भी नहीं खानी चाहिए ये चीजें, जानें भोलेनाथ के प्रिय माह में खान-पान के नियम
सावन मास के दौरान दूध और दही से संबंधित चीजों का सेवन करना वर्जित बताया गया है।

Sawan 2026 dahi khane ke niyam: सावन का महीना शुरू हो चुका है। यह महीना हिंदू कैलेंडर का 5वां महीना है। इसे भगवान शिव का प्रिय माह भी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस माह में माता पार्वती और शिव की सच्चे मन से आराधना करने और उपवास के नियमों का पालन करने वाले भक्तों पर भोलेनाथ की कृपा होती है। महादेव और माता पार्वती के आशीर्वाद से इन भक्तों के ग्रह दोष शांत होते हैं, जीवन में खुशहाली और सुख-समृद्धि आती है।

इस माह में खान-पान से संबंधित कुछ सख्त नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना शास्त्र सम्मत माना जाता है। धर्मशास्त्र और आयुर्वेद में सावन मास के दौरान दूध और दही से संबंधित जो भी चीज हैं, जैसे कढ़ी, रायता आदि चीजों का सेवन करना वर्जित बताया गया है। सावन महीने में इन चीजों का सेवन करने से कई तरह की बीमारियां होने की आशंका बनी रहती है। आइए जानें सावन में खानपान के नियमों पर क्या है मान्यता ?

सावन में सुपाच्य भोजन करना है शुभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में हल्का और सुपाच्य भोजन ग्रहण करना शुभ माना जाता है। शास्त्रों में यह महीना तप, संयम और सात्विक जीवन का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान तामसिक और भारी भोजन से बचने की सलाह दी जाती है। कई परंपराओं में दही, कढ़ी और अधिक खट्टे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करने की परंपरा है। इस माह में भगवान शिव को शीतल और सात्विक पदार्थ अर्पित किए जाते हैं।

सेहत से जुड़ा है खान-पान का परहेज

सावन में ताजे फल, हरी सब्जियां, मूंग की दाल, लौकी, तोरई, परवल, घी की सीमित मात्रा और हल्का भोजन अधिक लाभकारी माना जाता है। धार्मिक विद्वानों का मानना है कि सावन में खान-पान में परहेज का नियम केवल धार्मिक अनुशासन नहीं, बल्कि सेहत से भी जुड़ा है।

आयुर्वेद में दही खाने से बचने की सलाह

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