सावन का महीना जब शुरू होता है, तो सिर्फ प्रकृति ही नहीं, भक्तों के मन में भी एक अलग ऊर्जा और भक्ति का भाव उमड़ने लगता है। ये समय होता है शिव आराधना का, जब हर ओर 'ॐ नमः शिवाय' की गूंज सुनाई देती है। ऐसे माहौल में अगर किसी को सांप दिखाई दे जाए, तो इसे मात्र एक जीव के रूप में देखने की बजाय एक ईश्वरीय संदेश के रूप में समझा जाना चाहिए। क्योंकि सांप, विशेषकर नाग, भगवान शिव के गले का आभूषण हैं। वे शिव के इतने निकट हैं कि उनका दिखना, उस समय में, विशेष माना जाता है।
