Shani Jayanti 2026 Date and Muhurat: मई में कब मनाई जाएगी शनि जयंति? जानें तारीख-मुहूर्त, न करें ये गलतियां

Shani Jayanti 2026 Date and Muhurat: शनि जयंति हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। माना जाता है कि इस दिन शनि देव की पूजा और व्रत करने से शनि दोष का प्रभाव कम होता है। आइए जानें इस साल शनि जयंति किस दिन मनाई जाएगी और पूजा का मुहूर्त क्या होगा

अपडेटेड Apr 18, 2026 पर 5:41 PM
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ज्येष्ठ अमावस्या को शनि अमावस्या या शनिश्चरी अमावस्या भी कहते हैं।

Shani Jayanti 2026 Date and Muhurat: शनि देव को हिंदू धर्म में क्रोधी और न्याय करने वाले देवता के रूप में जाना जाता है। ज्योतिष के अनुसार, ये सबसे धीमी चाल से चलने वाला ग्रह है, जो एक राशि में ढाई साल तक रहता है। खास बात यह है कि एक राशि में रहते हुए शनि की दृष्टि अपने पीछे और आगे की राशि पर रहती है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, शनि एक राशि को साढ़े सात साल तक प्रभावित करता है। इसे ही शनि की साढ़े साती और ढैय्या कहा जाता है।

शनि की कृपा पाना आसान नहीं होता है, क्योंकि ये कर्मों के आधार पर फल देता है। शनि देव के क्रोध से बचने के लिए भक्त हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर शनि की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। इस दिन शनि जयंति मनाई जाती है। ज्येष्ठ अमावस्या को शनि अमावस्या या शनिश्चरी अमावस्या भी कहते हैं। हिंदू धर्म में इसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। माना जाता है कि जब प्रसन्न होकर शनिदेव अपनी कृपा बरसाते हैं तो जातक अपने सारे पापों से मुक्त हो जाते हैं।

2026 में कब है शनि अमावस्या?

हर साल ज्येष्ठ के महीने में पड़ने वाले कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर ही शनि जयंती मनाते हैं। इसी दिन देश के कई राज्यों में वट सावित्री का भी व्रत रखा जाता है। द्रिक पंचांक के अनुसार, इस बार ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष वाली अमावस्या तिथि 16 मई को सुबह 5:11 बजे से शुरू होगी। अमावस्या तिथि का समापन अगले दिन 17 मई को मध्य रात्रि 1:30 बजे होगा। शनि जयंती की पूजा और व्रत 16 मई को रखा जाएगा।

शनि जयंती की पूजा का शुभ मुहूर्त

शनि जयंती के दिन शनिदेव की पूजा को शाम के समय यानी निशिता मुहूर्त में ही करना शुभ फलदायी माना जाता है। इसलिए शनि जंयती की पूजा का शुभ मूहूर्त शाम 7:05 बजे से शुरू होकर रात 8:23 बजे तक रहेगा।


शनि जयंती पर ना करें ये गलतियां

हिंदू धर्म में शनि जयंती के दिन को कर्म और अनुशासन से जुड़ा माना जाता है क्योंकि शनिदेव को कर्मों का देवता कहा जाता है।

  • इस दिन किसी से भी झूठ बोलने से बचना चाहिए।
  • इस दिन किसी का भी अपमान ना करें।
  • किसी गरीब, बुजुर्ग और मजदूर वर्ग के लोगों का अपमान नहीं करना चाहिए।
  • शनि जयंति के दिन नशा और बुरी आदतों से दूर रहें।
  • घर में बेवजह झगड़ा या बहस करने से भी बचना चाहिए।
  • शनि जयंती के दिन जरूरतमंद लोगों की मदद करना सबसे अच्छा माना जाता है।

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