Shattila Ekadashi 2026: षटतिला एकादशी हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और शुभ फलदायी तिथियों में से एक मानी जाती है। यह एकादशी माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है। इस व्रत में तिल के उपयोग का विशेष महत्व है। माना जाता है कि तिल की उत्पत्ति भगवान विष्णु के शरीर से हुई थी। इसलिए इस दिन भगवान श्री हरि को तिल का भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है। इस एकादशी के नाम में षट का अर्थ है छह और तिला का तात्पर्य तिल से है। इस व्रत में तिल को छह तरीकों से इस्तेमाल करने का विधान है। भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी व्रत को उनकी कृपा पाने का सबसे सरल उपाय माना जाता है। इस दिन श्री हरि के भक्त पूरे दिन व्रत करते हैं और अगले दिन हरि वासर के बाद पारण करते हैं। एकादशी महीने में दो बार शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में आती है।
