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Shattila Ekadashi 2026 Vrat Katha: षटतिला एकादशी पर जरूर सुनें ये कथा, कल तीन योगों में होगा व्रत, जानें मुहूर्त और तिल के उपाय

Shattila Ekadashi 2026 Vrat Katha: षटतिला एकादशी का व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। इस दिन तिल के उपयोग का विशेष महत्व है। इस बार एकादशी के दिन तीन शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। जानिए इस दिन किए जाने वाले तिल के उपाय और मुहूर्त के बारे में

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 13, 2026 पर 8:26 PM
Shattila Ekadashi 2026 Vrat Katha: षटतिला एकादशी पर जरूर सुनें ये कथा, कल तीन योगों में होगा व्रत, जानें मुहूर्त और तिल के उपाय
माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को षटतिला एकादशी कहते हैं।

Shattila Ekadashi 2026 Vrat Katha: इस साल षटतिला एकादशी का व्रत 14 जनवरी को किया जाएगा। षटतिला एकादशी का व्रत करने से सभी पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को षटतिला एकादशी कहते हैं। इसमें तिल के 6 तरीकों से इस्तेमाल करने का विशेष महत्व है। इस दिन तिल का उबटन लगाते हैं, तिल नहाने के पानी में डालकर स्नान करते हैं, तिल का सेवन करते हैं, तिल से सूर्य को अर्घ्य देते हैं, तिल का दान देते हैं और भगवान विष्णु को तिल का भोग लगाते हैं। इस बार 23 साल बाद षटतिला एकादशी और मकर संक्रांति का दुर्लभ संयोग बन रहा है। साथ ही इस दिन 3 शुभ योग अमृत सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और वृद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है। इन योगों में एकादशी व्रत बहुत शुभ फलदायी है। षटतिला एकादशी पर भगवान विष्णु की व्रत कथा सुनना बहुत जरूरी है। इसके बिना व्रत पूरा नहीं माना जाता है। आइए जानें षटतिला एकादशी की व्रत कथा, मुहूर्त और पारण के बारे में।

षटतिला एकादशी मुहूर्त और पारण समय

माघ कृष्ण एकादशी तिथि का प्रारंभ : 13 जनवरी, दोपहर 3:17 बजे से

माघ कृष्ण एकादशी तिथि का समापन : 14 जनवरी, शाम 5:52 बजे

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