इस वर्ष वराह जयंती का पर्व विशेष संयोग लेकर आ रहा है। पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने राक्षस हिरण्याक्ष का वध कर पृथ्वी को पाताल लोक से मुक्त कराने के लिए वराह अवतार धारण किया था। इस अवसर पर तृतीया तिथि का प्रारंभ 25 अगस्त को दोपहर 12:35 बजे होगा और इसका समापन 26 अगस्त को दोपहर 1:54 बजे होगा। श्रद्धालुओं के लिए पूजा का शुभ समय 25 अगस्त को दोपहर 1:40 बजे से शाम 4:15 बजे तक तय की गई है। इस पावन अवसर पर भगवान विष्णु के वराह स्वरूप की आराधना करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
