हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना गया है। ज्येष्ठ मास में आने वाली विनायक चतुर्थी का व्रत उनके भक्तों के लिए बेहद खास होता है। ये दिन विशेष रूप से उन माताओं के लिए महत्त्वपूर्ण होता है, जो संतान की प्राप्ति, उसकी लंबी उम्र और जीवन में सुख-शांति की कामना करती हैं। ये व्रत श्रद्धा, आस्था और संकल्प का प्रतीक होता है, जिसमें भगवान गणेश और चंद्रमा की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर गणपति को तिल के लड्डू, दूर्वा, पीला चंदन आदि अर्पित करते हैं।
