Yogini Ekadashi 2026 Vrat Today: आज त्रिपुष्कर योग और भरणी नक्षत्र में योगिनी एकादशी का व्रत किया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस शुभ योग में भगवान विष्णु की पूजा और उपवास करने से कई गुना अधिक पुण्यफल प्राप्त होता है। यह व्रत हर साल आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। इस दिन सच्चे मन से और श्रद्धा भाव से की गई भगवान विष्णु की पूजा 88000 ब्राह्मणों को भोजना कराने के समान पुण्य दायी मानी जाती है। यह व्रत इंसान को समस्त पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है। आज के दिन देशभर के विष्णु मंदिरों में विशेष श्रृंगार, पूजन, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण जैसे धार्मिक आयोजन भी होंगे। आज के दिन तीन चीजें खरीदना बहुत शुभ माना जाता है।
योगिनी एकादशी 2026 मुहूर्त
आषाढ़ कृष्ण एकादशी तिथि का प्रारंभ : 10 जुलाई, सुबह 8:16 बजे
आषाढ़ कृष्ण एकादशी तिथि का समापन : 11 जुलाई, सुबह 5:22 बजे
योगिनी एकादशी पूजा मुहूर्त : आज, सुबह 8:16 बजे से लेकर सुबह 10:42 बजे तक
अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त : 08:59 बजे से लेकर सुबह 10:42 बजे तक
योगिनी एकादशी पारण समय : 11 जुलाई, दोपहर 01:50 बजे से शाम 04:36 बजे के बीच
त्रिपुष्कर योग और भरणी नक्षत्र का शुभ संयोग
इस बार योगिनी एकादशी पर त्रिपुष्कर योग और भरणी नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस शुभ योग में भगवान विष्णु की पूजा, व्रत, मंत्र-जप और दान करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन अन्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक पुण्यफल प्राप्त होता है। देशभर के विष्णु मंदिरों में विशेष श्रृंगार, पूजन, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण जैसे धार्मिक आयोजन भी होंगे।
योगिनी एकादशी पर खरीदें ये चीजें
सफेद हाथी : यदि आप आर्थिक परेशानियों या धन संबंधी बाधाओं का सामना कर रहे हैं, तो योगिनी एकादशी के दिन सफेद हाथी की प्रतिमा घर ला सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हाथी भगवान विष्णु को प्रिय माना गया है। सफेद हाथी शुभता, वैभव और समृद्धि का प्रतीक है। इसे घर या कार्यस्थल पर स्थापित करने से आर्थिक उन्नति और सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है।
बांसुरी : भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण बांसुरी के प्रति विशेष प्रेम रखते थे। योगिनी एकादशी के दिन घर में बांसुरी लाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में प्रेम, सौहार्द तथा खुशहाली का वातावरण बना रहता है।
हंस की मूर्ति : पौराणिक मान्ताओं के अनुसार, भगवान विष्णु ने सनकादि ऋषियों को ज्ञान प्रदान करने के लिए हंस रूप धारण किया था। इसलिए योगिनी एकादशी के दिन हंस की मूर्ति घर लाना शुभ माना जाता है। यह घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख, शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।