भारतीय महिला फुटबॉल टीम की एएफसी विमेंस एशिया कप के दौरान भारतीय महिला टीम की किट को लेकर फेडरेशन की काफी आलोचना हुई थी। वहीं अब ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल एम सत्यनारायण ने इस पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन ने किट की समस्या को जल्दी से जल्दी हल करने की कोशिश की। वहीं विमेंस एशिया कप में भारतीय महिला टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और टीम ग्रुप C के तीनों मैच हारकर बाहर हो गई। उसका सफर मंगलवार को सिडनी में चीनी ताइपे के खिलाफ 3-1 की हार के साथ खत्म हो गया।
सत्यनारायण ने रेवस्पोर्ट्ज से बातचीत में कहा, “ऑस्ट्रेलिया में एएफसी एशियन कप के लिए महिला टीम को जो किट शुरुआत में भेजी गई थी, उसमें कुछ दिक्कतें आ गई थीं, जिसके बाद एआईएफएफ की काफी आलोचना हुई। लेकिन हमने सिर्फ सात घंटे के अंदर उसे बदलकर बेहतर और टॉप क्वालिटी की नई किट भेज दी थी, हालांकि इस बात को मीडिया में ज्यादा जगह नहीं मिली।”
सत्यनारायण ने पहले बताया था कि एआईएफएफ ने खिलाड़ियों की किट को लेकर हुए विवाद की पूरी जांच कराने का फैसला किया है। इसके लिए फेडरेशन के इंटीग्रिटी ऑफिसर को मामला सौंपा गया है। सत्यनारायण ने पीटीआई से कहा, “जैसे ही ये मामला मेरे संज्ञान में आया, हमने तुरंत कार्रवाई की। करीब छह घंटे के भीतर हमने नई किट का इंतजाम कर दिया, जो बेहतरीन अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरती हैं, ताकि खिलाड़ियों को वही मिल सके जिसकी उन्हें जरूरत है।”
उन्होंने आगे कहा, “इसके साथ ही मैंने अपने इंटीग्रिटी ऑफिसर, जो सीबीआई के रिटायर्ड अधिकारी हैं, से इस पूरे मामले की गहराई से जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद हम उसके निष्कर्षों की समीक्षा करेंगे और जरूरत पड़ने पर आगे की जानकारी साझा करेंगे।”
फेडरेशन ने तुरंत की कार्रवाई
यह विवाद भारत के ऑस्ट्रेलिया में होने वाले पहले मैच से करीब 48 घंटे पहले सामने आया था। पता चला कि एआईएफएफ की तरफ से जो जर्सियां भेजी गई थीं, वे जूनियर टीम के लिए बनी थीं और 26 खिलाड़ियों वाली सीनियर टीम के लगभग 80% खिलाड़ियों को फिट नहीं हो रही थीं। इसके बाद सीनियर खिलाड़ियों ने फेडरेशन को पत्र लिखकर सही साइज की किट देने की मांग की। समस्या को देखते हुए नई जर्सियों का इंतजाम किया गया। बाद में एआईएफएफ ने इटली की एक कंपनी से दो सेट में कुल 55 जर्सियां खरीदीं, जो पर्थ में उपलब्ध थीं और उन्हें तुरंत टीम तक भेज दिया गया।