IPL में 'गर्लफ्रेंड कल्चर' पर सख्त नियम बनाने की तैयारी में BCCI! कड़े नियम बनाने का कर रही विचार

बीसीसीआई आईपीएल के दौरान खिलाड़ियों के ऑफ-फील्ड व्यवहार पर सख्त नियम बनाने की तैयारी में है, खासकर टीम होटलों में पार्टनर की मौजूदगी को लेकर। ये मुद्दा तब चर्चा में आया जब कई खिलाड़ी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ होटल और मैच से जुड़ी जगहों पर नजर आए।

अपडेटेड May 04, 2026 पर 3:21 PM
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बीसीसीआई के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि इस मुद्दे पर सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) अब इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान खिलाड़ियों के मैदान के बाहर के व्यवहार को लेकर सख्त नियम बनाने की तैयारी में है। खास तौर पर टीम होटलों में खिलाड़ियों के पार्टनर की मौजूदगी को लेकर नए नियम लागू हो सकते हैं। बोर्ड का मानना है कि इससे अनुशासन और प्रोफेशनल माहौल बेहतर रहेगा, साथ ही एंटी-करप्शन से जुड़े किसी भी खतरे को भी कम किया जा सकेगा। ये मुद्दा तब ज्यादा चर्चा में आया जब इस सीजन में कई बड़े क्रिकेट खिलाड़ी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बार-बार नजर आए। उन्हें कई बार टीम के होटलों में और मैच से जुड़ी गतिविधियों के दौरान साथ देखा गया।

इसके बाद लोगों ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए और नियमों को और सख्त बनाने की बात होने लगी। रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि इस मुद्दे पर सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है और आने वाली बैठक में इस पर औपचारिक चर्चा होने की संभावना है।

बीसीसीआई ने क्या कहा


जागरण की एक रिपोर्ट में BCCI के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया, "हम आपस में इस पर चर्चा कर रहे हैं। इस पर अगली BCCI मीटिंग में चर्चा की जाएगी। खिलाड़ियों के साथ होटल में पत्नियों और परिवार वालों के रहने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन गर्लफ्रेंड को लेकर थोड़ा ज्यादा सख्ती बरतने की जरूरत महसूस की जा रही है।"

भारतीय टीम में लागू है ये नियम

अधिकारी ने आगे बताया कि इस तरह का नियम पहले भी बनाया गया था और अब आईपीएल में भी इस पर कुछ कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पहले आईपीएल में खिलाड़ियों के साथ गर्लफ्रेंड को होटल में रुकने की अनुमति नहीं थी, लेकिन अब यह एक आम चलन बन गया है। अधिकारी ने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम के लिए पहले से लागू की गई ऐसी ही गाइडलाइंस का अच्छा असर देखने को मिला है और इससे खिलाड़ियों के व्यवहार में सुधार हुआ है। हालांकि उन नियमों में ज्यादा ध्यान जीवनसाथी और परिवार के करीबी सदस्यों पर ही रखा गया था, जिनकी मौजूदगी को ही प्राथमिकता दी गई थी।

हालांकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड अंतरराष्ट्रीय दौरों को सख्ती से नियंत्रित करता है, लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग का फ्रेंचाइजी मॉडल इसे संभालना थोड़ा मुश्किल बना देता है। 10 निजी टीमों के होने की वजह से सभी पर एक जैसे ऑफ-फील्ड नियम लागू करना आसान नहीं रहा, जिसके चलते बोर्ड अब और साफ और सख्त गाइडलाइंस बनाने पर विचार कर रहा है।

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