इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन के आगाज में अभी काफी दिन बचे हैं, पर उससे पहले एक बड़ी खबर सामने आई है। पुणे की वैक्सीन कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदर पूनावाला ने कोहली की फ्रेंचाइजी को खरीदने की इच्छा जताई। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया है कि वह आरसीबी के लिए एक तगड़ी बोली लगाएंगे। रॉयल चैलेंजर्स अभी के आईपीएल चैंपियन हैं और लीग की 10 टीमों में शायद सबसे ज्यादा फैन उनकी टीम के हैं।
अदार पूनावाला की रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) में दिलचस्पी उस समय सामने आई है, जब उन्होंने हाल ही में एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में भी कदम रखा है। उन्होंने धर्मा प्रोडक्शंस में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी है, जो करण जौहर के पास थी।
रेस में ये कंपनी भी है शामिल
पूनावाला के इस बयान के बाद RCB की बिक्री को लेकर चल रही चर्चाओं को और हवा मिल गई है। दरअसल, ग्लोबल शराब कंपनी डियाजियो के बारे में लंबे समय से कहा जा रहा है कि वह RCB में अपनी आंशिक या पूरी हिस्सेदारी बेच सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डियाजियो पिछले करीब एक साल से फ्रेंचाइजी की बिक्री पर विचार कर रही है और RCB के लिए लगभग 2 अरब डॉलर यानी करीब 17,500 करोड़ रुपये का मूल्यांकन चाहती है।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को इंडियन प्रीमियर लीग की सबसे कीमती और सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली टीमों में गिना जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह है इसका विशाल फैन बेस और टीम में शामिल बड़े स्टार खिलाड़ी। RCB में विराट कोहली, स्मृति मंधाना, भुवनेश्वर कुमार और फिल साल्ट जैसे नाम शामिल हैं। मैदान पर नतीजे कभी अच्छे तो कभी औसत रहे हों, लेकिन कमाई और ब्रांड वैल्यू के मामले में RCB हमेशा मजबूत रही है।
RCB की हालिया चैंपियनशिप जीत से टीम की लोकप्रियता और बढ़ गई है। इससे स्पॉन्सरशिप, मर्चेंडाइज और मीडिया राइट्स से होने वाली कमाई के मौके भी ज्यादा मजबूत हुए हैं। खेल एक्सपर्ट का मानना है कि RCB का वफादार फैन बेस, खासकर बेंगलुरु और दुनिया भर में फैले भारतीय दर्शकों के बीच, इसे लंबे समय तक फायदा कमाने वाली टीम बनाता है। यही वजह है कि RCB की वैल्यू लगातार बढ़ रही है और यह IPL की सबसे मजबूत ब्रांड्स में से एक बनी हुई है।
अगर रिपोर्ट्स के मुताबिक रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की हिस्सेदारी करीब 2 बिलियन डॉलर में बिकती है, तो यह डील पूरे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की फ्रेंचाइजी वैल्यू को नई ऊंचाई पर पहुंचा सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसी बड़ी डील IPL को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती और सबसे कीमती स्पोर्ट्स प्रॉपर्टीज में और मजबूत बनाएगी, जो फुटबॉल, बास्केटबॉल और अमेरिकी फुटबॉल जैसी बड़ी लीग्स को सीधी टक्कर दे सकती है।
मीडिया राइट्स से बढ़ती कमाई, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते दर्शक और फ्रेंचाइजी की बेहतर होती मुनाफ़ाखोरी के चलते अब IPL को सिर्फ एक सीजनल टूर्नामेंट नहीं, बल्कि लंबे समय तक फायदा देने वाली एक मजबूत संपत्ति के रूप में देखा जा रहा है।