Cheteshwar Pujara: 'मैंने सिर्फ 17 साल की उम्र में...', मां को याद कर भावुक हुए चेतेश्वर पुजारा, बताया क्यों लिया संन्यास

चेतेश्वर पुजारा ने भारत के लिए आखिरी टेस्ट 2023 में खेला था, लेकिन इसके बाद भी वह लगातार घरेलू क्रिकेट का हिस्सा बने रहे है। हाल ही एक इंटरव्यू में चेतेश्वर पुजारा ने बताया की वह अचानक रिटायरमेंट क्यों लिए। आइए जानते हैं पुजारा ने क्या कहा

अपडेटेड Aug 28, 2025 पर 6:17 PM
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चेतेश्वर पुजारा ने रविवार 24 अगस्त को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया

टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने रविवार 24 अगस्त को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया। क्रिकेटर ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट कर अपने रिटायरमेंट का ऐलान किया। बता दें पिछले 9 महीनें में भारत के कई बड़े खिलाड़ियों ने संन्यास लिया है। इस लिस्ट में रविचंद्रन अश्विन (सभी फॉर्मेट), रोहित शर्मा और विराट कोहली (दोनों टेस्ट क्रिकेट से) शामिल हैं। वहीं अब इस लिस्ट में पुजारा का नाम भी जुड़ गया है।

चेतेश्वर पुजारा ने भारत के लिए आखिरी टेस्ट 2023 में खेला था, लेकिन इसके बाद भी वह लगातार घरेलू क्रिकेट का हिस्सा बने रहे है। हाल ही एक इंटरव्यू में चेतेश्वर पुजारा ने बताया की वह अचानक रिटायरमेंट क्यों लिए।

पुजारा ने क्या कहा


न्यूज एजेंसी PTI से चेतेश्वर पुजारा ने कहा, "जब मैं यूके में था (एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के दौरान प्रसारण की जिम्मेदारी), तब मैं नए सीजन का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। लेकिन भारत लौटने के बाद, रणजी ट्रॉफी की तैयारी शुरू करने से पहले मैंने परिवार, दोस्तों और कुछ साथियों से बात करने का सोचा, ताकि जान सकूं कि इस सीजन में मेरे खेलने को लेकर उनकी क्या राय है। मुझे अहसास था कि अगर मैं एक और सीजन खेलता हूं, तो टीम में मेरी जगह तय हो जाएगी और मैं ऐसा नहीं चाहता था। साथ ही मुझे इस बात का भी पूरा भरोसा नहीं था कि मैं पूरा सीजन खेल पाऊंगा।"

पुजारा ने कहा कि अब जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपने का समय है। उन्होंने बताया, "इसलिए मैंने सोचा कि यह मेरे लिए आगे बढ़ने और युवा खिलाड़ी को मौका देने का सबसे अच्छा समय है जो सौराष्ट्र टीम का हिस्सा बन सकता है।"

मां को याद कर भावुक हुए पुजारा

अपनी मां को याद कर पुजारा भावुक हो गए। पुजारा ने कहा, "यह पल उनके लिए भी बेहद भावुक था। मेरे पिता हमेशा मेरे लिए प्रेरणा रहे हैं, क्योंकि क्रिकेट के प्रति उनकी लगन अद्भुत थी और मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है। साथ ही, मैं अपनी मां का भी तहे दिल से आभार मानता हूं। मैंने सिर्फ 17 साल की उम्र में कैंसर की वजह से अपनी मां को खो दिया था, लेकिन उस छोटे से समय में भी उन्होंने मुझे बहुत कुछ सिखाया। उन्होंने हमेशा सिखाया कि सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनना जरूरी है। मेरी पत्नी पूजा ने भी अपनी किताब में लिखा है कि एक सफल क्रिकेटर बनने के लिए पूरे परिवार का साथ और योगदान होना जरूरी है।"

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