टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने अब भारत की जर्सी में खेलते हुए नहीं दिखाई देंगे। चेतेश्वर पुजारा ने रविवार 24 अगस्त को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्याल ले लिया है। चेतेश्वर पुजारा के संन्यास का ऐलान के साथ ही एक युग का अंत कर दिया। क्रिकेटर ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट कर अपने रिटायरमेंट का ऐलान किया। 103 टेस्ट मैच खेलने वाले चेतेश्वर पुजारा क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में टीम इंडिया के लिए किसी स्पेशलिस्ट कम नहीं थे। पुजारा ने भारत के लिए कई यादगार पारियां खेली हैं और टीम को संकट से बाहर निकाला है। वहीं चेतेश्वर पुजारा की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई पारी को शायद ही कोई भूल सकता है। पुजारा ने चोट के बाद भी बेहतरीन पारी खेली थी।
पुजारा के इस पारी की काफी चर्चा
दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 2018-19 और 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर कई यादगार पारियां खेलीं। 2019 में विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने चार मैचों की सीरीज 2-1 से जीती थी। इस सीरीज में पुजारा को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया था। इसके बाद साल 2021 में ब्रिसबेन टेस्ट के दूसरी पारी में पुजारा द्वारा खेली गई 56 रनों की इनिंग की चर्चा अब तक की जाती है। हाल ही में संन्यास के बाद पुजारा ने बताया कि 2021 के ऑस्ट्रेलिया दौरे में बल्लेबाजी करते समय उन्हें कई चोटों का सामना करना पड़ा।
अपने बैटिंग पर पुजारा ने क्या कहा
चेतेश्वर पुजारा ने द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में बताया, "ऐसे मोमेंट में व्यापक एप्रोच बनाए रखना बहुत जरूरी होता है। आप अपनी टीम के लिए बल्लेबाजी कर रहे होते हैं, करोड़ों लोग आपकी ओर देख रहे होते हैं और टीम के अच्छे प्रदर्शन की कामना कर रहे होते हैं, जबकि पूरी सीरीज दांव पर लगी होती है। जब आपके शरीर पर चोट लगती है, तो कभी-कभी आप टूट जाते हैं, लेकिन फिर आपको धैर्य बनाए रखना होता है। आपको खुद पर, अपने खेल पर और अपनी क्षमता पर भरोसा रखना होता है।"
अपने चोट पर पुजारा ने क्या कहा
चेतेश्वर पुजारा ने आगे कहा, "एक या दो बार चोट लगना ठीक है, लेकिन जब एक ही जगह पर बार-बार चोट लगती है, तो दर्द असहनीय हो जाता है। ऐसे समय में मेंटल टफनेस काम आती है। इसी दौरान देश के प्रति आपका समर्पण और प्रेम सामने आता है। मैं ईश्वर में विश्वास करता हूं और वही मुझे शक्ति देते हैं। कठिन समय में आपको उस समय स्पिरिचुअल पावर की जरूरत होती है, जो मानवीय समझ से परे होती है। मुझे ऐसी शक्ति मिलती है, जिसका मैं शब्दों में डिस्क्राइब नहीं कर सकता, लेकिन उससे मुझे ताकत मिलती है।"
पुजारा को कहां-कहां लगी थी चोट
साल 2021 के ऑस्ट्रेलिया दौरे में चेतेश्वर पुजारा ने अपनी जुझारू बल्लेबाजी से सबका दिल जीत लिया था। ब्रिसबेन टेस्ट की दूसरी पारी में उन्होंने 56 रन बनाए, जो उनके करियर का सबसे धीमा अर्धशतक भी था। इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की गेंदें पुजारा के शरीर को बार-बार लग रही थी। इस पारी में पुजारा के सिर, बाजू, पसलियों, पीठ, हाथ और पैरों पर चोटें लगीं। फिर भी पुजारा डटे रहे और हार नहीं मानी। भारत ने इस मैच को अपने नाम किया।