Gautam Gambhir: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने कहा कि वे सिर्फ ड्रेसिंग रूम में मौजूद लोगों के लिए जवाबदेह हैं, सोशल मीडिया पर मौजूद लोगों के लिए नहीं। बता दें कि गंभीर का यह बयान तब आया जब भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर टी20 विश्व कप 2026 का खिताब अपने नाम किया। यह फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को खेला गया।
इस जीत के साथ भारत तीन टी20 विश्व कप खिताब जीतने वाली पहली टीम और साथ ही लगातार दूसरी बार यह ट्रॉफी बचाने वाली पहली टीम भी बन गई। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने कहा, "मेरी जवाबदेही सोशल मीडिया पर मौजूद लोगों के लिए नहीं है। मेरी जवाबदेही ड्रेसिंग रूम में मौजूद उन 30 लोगों के लिए है।" उन्होंने आगे कहा, "एक कोच उतना ही अच्छा होता है जितनी अच्छी उसकी टीम होती है। खिलाड़ियों ने ही मुझे वो कोच बनाया है जो मैं आज हूं।"
गंभीर ने अपने उस पुराने विचार को दोहराया कि टीम की उपलब्धियां पर्सनल उपलब्धियों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। जीत के बाद मीडिया से बात करते हुए गंभीर ने इस बात पर जोर दिया कि उनके नेतृत्व में टीम की संस्कृति ट्रॉफी जीतने पर आधारित है, न कि आंकड़ों का पीछा करने पर।
'उपलब्धियां मायने नहीं रखतीं'
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “सूर्यकुमार यादव के साथ मेरा सीधा-सा सिद्धांत हमेशा से यही रहा है कि उपलब्धियां मायने नहीं रखतीं। ट्रॉफी मायने रखती हैं। भारतीय क्रिकेट में बहुत लंबे समय से हम उपलब्धियों की बात करते आ रहे हैं। और मुझे उम्मीद है कि जब तक मैं यहां हूं, हम उपलब्धियों की बात नहीं करेंगे।”
गंभीर ने कप्तान सुर्यकुमार यादव की नेतृत्व क्षमता की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि सूर्यकुमार भी यही मानते हैं कि टीम की जीत और सफलता व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ज्यादा अहम है।
'सूर्या एक शानदार लीडर हैं'
गंभीर ने कहा, “देखिए, मैंने पहले भी कहा है, मुझे लगता है कि सूर्या ने इस फॉर्मेट में मेरी जिंदगी काफी आसान कर दी है। मुझे लगता है कि वह एक शानदार लीडर हैं। मुझे लगता है, हां, उन्होंने बिल्कुल सही कहा कि वह कप्तान कहलाना नहीं चाहते, वह लीडर कहलाना चाहते हैं क्योंकि ड्रेसिंग रूम में एक लीडर कप्तान से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।”
गंभीर ने आगे कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि सूर्यकुमार के साथ उनकी सोच एक जैसी है, इससे टीम के लिए बेहतर माहौल बनाने में काफी मदद मिली।