भारत और पाकिस्तान की टीमें जब भी आमने-सामने होती है तो मैदान पर तनाव अपने आप बढ़ जाता है। वहीं मैच के दौरान मैदान पर खिलाड़ियों के बीच बहस भी देखने को मिलता है। एशिया कप इमर्जिंग टूर्नामेंट में हुए मुकाबले में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। इस मुकाबले में पाकिस्तान शाहीन (पाकिस्तान ए) ने भारत ए को 8 विकेट से मात दी थी। मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने आई भारतीय टीम 19 ओवर में 136 रन ऑलआउट हो गई। जवाब में पाकिस्तान की टीम केवल 13.2 ओवर में दो विकेट खोकर ही टारगेट को हासिल कर लिया। इस मैच के दौरान बाउंड्री के पास लिए गए कैच को लेकर जमकर बवाल हुआ।
माज सदाकत ने सुयश शर्मा के 10वें ओवर की पहली गेंद को बाउंड्री की ओर मारा। भारतीय फील्डर नेहाल वढेरा ने गेंद को पकड़ने के लिए बाउंड्री लाइन के पास दौड़े। लेकिन जह उन्हें फील हुआ कि अगर वे पकड़ते हैं तो बाउंड्री लाइन के बाहर चले जाएंगे। इसलिए उन्होंने समझदारी दिखाते हुए हवा में रहते ही गेंद को अपने साथी नमन धीर की तरफ भेज दिया। नमन ने आसानी से गेंद पकड़ ली और दोनों ने इस शानदार टीमवर्क का जश्न भी मनाया। भारतीय फील्डरों को लगा कि उन्होंने अर्धशतक बना चुके बल्लेबाज को आउट कर दिया है, इसलिए मैदानी अंपायर ने तीसरे अंपायर के पास भेज दिया।
तीसरे अंपायर ने दिया नॉट आउट
कुछ देर समीक्षा के बाद तीसरे अंपायर मोर्शेद अली खान ने सबको चौंकाते हुए फैसला दिया कि बल्लेबाज आउट नहीं है। उनके इस निर्णय ने सभी को हैरान कर दिया और मैदान पर बहस का माहौल बन गया। भारत ए के कप्तान जितेश इस फैसले से नाराज हो गए और मैदानी अंपायर से बहस करने लगे। उनका कहना था कि फील्डरों ने कैच को साफ-सुथरा पूरा करने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन इसके बावजूद फैसला नहीं बदला गया। हैरानी की बात यह रही कि गेंद को डॉट बॉल माना गया, जबकि अंपायरों ने न तो छक्का दिया और न ही बल्लेबाज द्वारा लिए गए दो रन गिने, जिससे स्थिति और उलझन भरी हो गई।
जुलाई में आईसीसी ने बाउंड्री के पास होने वाले कैच को लेकर अपने नियम बदले थे। टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए आईसीसी के नियम 19.5.2 के मुताबिक, "एक फील्डर बाउंड्री के बाहर से कूदकर हवा में रहते हुए गेंद को छू सकता है। लेकिन गेंद को छूने के बाद, जब तक गेंद डेड न हो जाए, उस फील्डर का हर बार जमीन से संपर्क खेल के मैदान के अंदर ही होना चाहिए। अगर उस गेंद के दौरान फील्डर का पैर या शरीर का कोई हिस्सा बाउंड्री के बाहर जमीन को छू लेता है, चाहे वह उस समय गेंद को छू रहा हो या नहीं, तो उसे बाउंड्री माना जाएगा।"
नियमों के मुताबिक, नेहाल वढेरा ने गेंद को साथी खिलाड़ी की ओर भेजने के बाद उससे कोई दोबारा संपर्क नहीं किया, इसलिए कैच वैलिड माना जाना चाहिए था। अगर वे बाउंड्री के बाहर खड़े होकर गेंद को फिर छूते और हवा में रहते हुए साथी को पास देते, तो कैच अमान्य होता। उस समय सदाकत 56 रन पर थे और यह कैच न मिलने से उन्हें बड़ा फायदा मिला। बाद में पाकिस्तान शाहीन्स ने मैच को आठ विकेट से आसानी से जीतकर सेमीफ़ाइनल में प्रवेश कर लिया।