टी20 क्रिकेट के इस दौर में, जहां युवा बल्लेबाज बड़े-बड़े गेंदबाजों पर हावी होते दिख रहे हैं, वहीं भुवनेश्वर कुमार ने अपने अनुभव और शानदार गेंदबाजी से अलग पहचान बनाई है। 36 साल की उम्र में, जब कई तेज गेंदबाज फिटनेस और रफ्तार से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे होते हैं, तब भुवनेश्वर लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। आईपीएल 2026 में उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए बल्लेबाजों को खूब परेशान किया है। यही वजह है कि वह इस सीजन में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ की पर्पल कैप की दौड़ में दक्षिण अफ्रीका के तेज़ गेंदबाज़ कागिसो रबाडा को कड़ी टक्कर दे रहे हैं, जो उनसे उम्र में करीब पांच साल छोटे हैं।
हालांकि भुवनेश्वर इस सीजन में वैभव सूर्यवंशी को पूरी तरह रोकने में सफल नहीं रहे हैं, लेकिन उन्होंने कई युवा और प्रतिभाशाली बल्लेबाज़ों को अपना शिकार बनाया है। उनके 26 विकेटों में प्रियांश आर्य, समीर रिज़वी, प्रभसिमरन सिंह और साहिल पारख जैसे उभरते हुए खिलाड़ियों के विकेट भी शामिल हैं। उनकी शानदार गेंदबाज़ी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अनुभव और कौशल के दम पर उम्र को पीछे छोड़ा जा सकता है।
भुवनेश्वर कुमार ने अपनी शानदार गेंदबाज़ी से इन युवा बल्लेबाज़ों की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। उन्होंने दिखाया है कि किसी भी टीम को विरोधी टीम की सबसे मजबूत रणनीति का जवाब देने के लिए अनुभवी खिलाड़ियों की जरूरत होती है। यही अनुभव और समझ भुवनेश्वर को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का एक बेहद महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाती है। अब जब बेंगलुरु की टीम गुजरात टाइटंस के खिलाफ आईपीएल फाइनल की तैयारी कर रही है, तो भुवनेश्वर की भूमिका और भी अहम हो जाती है। उनकी सटीक गेंदबाज़ी और बड़े मैचों का अनुभव टीम के लिए बड़ा हथियार साबित हो सकता है।
भुवनेश्वर कुमार को इतना खास क्या बनाता है?
भारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान का मानना है कि भुवनेश्वर की सबसे बड़ी ताकत उनकी लगातार एक जैसी गेंदबाजी करने की क्षमता है। यही गुण उन्हें दूसरे गेंदबाज़ों से अलग बनाता है। इरफान के अनुसार, भुवनेश्वर का गेंदबाज़ी एक्शन बहुत बैलेंस और कंट्रोल है। इसी वजह से वह बार-बार अपनी योजना के अनुसार गेंद डालने में सफल रहते हैं। जब किसी गेंदबाज का शरीर और संतुलन सही रहता है, तो गेंद पर नियंत्रण भी बेहतर हो जाता है। उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर आसानी से गेंद को दोनों तरफ स्विंग करा सकते हैं और लंबे समय तक सटीक लाइन-लेंथ बनाए रखते हैं। यही कारण है कि बल्लेबाज़ों के लिए उन्हें खेलना आसान नहीं होता।
इरफान पठान ने इसे घर की मजबूत नींव से जोड़ते हुए कहा कि जब आधार मजबूत होता है, तो बाकी चीजें अपने आप आसान हो जाती हैं। भुवनेश्वर की सफलता के पीछे भी उनकी यही मजबूत तकनीक और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता है।
भुवी अमूमन IPL में किफायती ही रहते हैं। ओवरऑल IPL इकॉनमी 7.72 की आसपास ही बॉलिंग करते नज़र आए हैं। इस सीजन भुवी ने 8 की इकॉनमी से रन दिए हैं। ये पिछले 3 साल में उनकी सबसे किफायती बॉलिंग रही है। इस दौरान उनका औसत भी 18.15 का रहा है। ये उनके 16 साल के IPL करियर में भी थर्ड बेस्ट रहा है। इससे पहले, 2017 में उन्होंने सबसे शानदार 14.19 और 2014 में 17.70 के औसत से बॉलिंग की थी।
भुवनेश्वर कुमार ने साल 2021 से लेकर 2024 तक सनराइजर्स हैदराबाद में रहते हुए चार सीजन मिलाकर कुल 45 विकेट लिए थे, लेकिन आरसीबी में आते ही दो सीजन में ही उन्होंने अब तक कुल 43 विकेट ले लिए हैं। एक तरफ जहां उन्होंने आईपीएल 2025 में 17 विकेट लेकर आरसीबी को चैंपियन बनाया था, वहीं आईपीएल 2026 में भी अब तक कुल 26 विकेट ले चुके हैं।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेल रहे भुवनेश्वर का औसत 18.15 और इकोनॉमी 8.00 है, जो 15 से ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में सर्वश्रेष्ठ है लेकिन उनकी असली ताकत पावरप्ले में दिखी है। उन्होंने शुरुआती छह ओवरों में 192 गेंद फेंककर 16 विकेट लिए हैं और इकोनॉमी सिर्फ 7.03 रही है।