आईपीएल 2026 खत्म होने के बाद भी राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की चर्चा हर तरफ है। आईपीएल 2026 में वैभव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑरेंज कैप अपने नाम किया। वैभव ने ऑरेंज कैप के साथ कई अवॉर्ड भी जीते हैं। वहीं हाल ही में वैभव ने बताया कि, उनका सपना भारतीय टीम के लिए खेलना और लंबे समय तक देश का प्रतिनिधित्व करना है। वैभव के मुताबिक, आईपीएल में मिली सफलता उनके सफर की शुरुआत है और वह आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट में अपनी मजबूत पहचान बनाना चाहते हैं।
सूर्यवंशी ने कहा, "मैं भी लंबे समय तक भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहता हूं और अपने, अपने परिवार और अपनी टीम के लिए बहुत कुछ हासिल करना चाहता हूं।" उन्होंने आगे कहा, "चाहे घरेलू क्रिकेट हो, आईपीएल हो या भारतीय टीम, मैं हमेशा अपनी टीम के लिए योगदान देने और अपने टारगेट पर पूरा ध्यान बनाए रखने की कोशिश करूंगा।"
आईपीएल में वैभव का प्रदर्शन
आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स की टीम क्वालिफायर-2 में हारकर फाइनल में जगह नहीं बना पाई। लेकिन ये सीजन वैभव सूर्यवंशी के लिए बेहद शानदार रहा। युवा बल्लेबाज ने पूरे सीजन में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 16 पारियों में 776 रन बनाए। उनका औसत 48 से अधिक और स्ट्राइक रेट 237 से ज्यादा रहा। इसी दमदार प्रदर्शन की बदौलत वह इस सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने और सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।
वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में एक शतक और पांच अर्धशतक की मदद से शानदार बल्लेबाजी की। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्होंने ऑरेंज कैप और मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का अवॉर्ड जीता। शुभमन गिल और साई सुदर्शन भी उनके रन के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ सके।
महज 15 साल की उम्र में ऑरेंज कैप जीतकर वैभव ने एक नया इतिहास रच दिया और इस सम्मान को हासिल करने वाले आईपीएल के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए।उन्होंने बताया, "मैंने अपने फोन में नोट कर रखा था कि इस आईपीएल सीजन में मुझे 700 रन बनाने हैं। वह नोट आज भी मेरे पास मौजूद है। हर मैच के बाद मैं जिस टीम के खिलाफ खेलता था, उसके सामने अपना स्कोर लिखता था।"
उन्होंने आगे कहा, "यह मेरा पर्सनल टारगेट था, जिसे मैं हासिल करने में सफल रहा। लेकिन टीम के तौर पर जो सपना हमने देखा था, वह पूरा नहीं हो सका। उम्मीद है कि अगले सीजन में हम उस टारगेट को भी हासिल कर लेंगे।"
ऑरेंज कैप जीतने पर वैभव ने कहा, "जब मैं टीवी पर मैच देखता था, तो बड़े-बड़े खिलाड़ियों को ऑरेंज कैप पहने हुए देखता था। उस समय मैं सोचता था कि मुझे कम से कम एक बार इस कैप को छूकर देखना चाहिए कि यह कैसा महसूस होता है।" उन्होंने आगे कहा, "लेकिन भगवान की कृपा से आज यह कैप मेरे सिर पर है। इसके लिए मैं बहुत आभारी हूं और खुद को खुशकिस्मत मानता हूं।"