गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेले जा रहे आईपीएल 2026 के फाइनल मुकाबले में कई ड्रामे भी देखने को मिल रहे हैं। फाइनल में अंपायरिंग के फैसले को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खेले जा रहे इस खिताबी मुकाबले के पहले ही इनिंग्स के 10वें ओवर में एक ऐसा वाकया हुआ जिसने मैदान का पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के कप्तान रजत पाटीदार एक विवादित थर्ड अंपायर के फैसले से नाराज नजर आए। इस फैसले के कारण गुजरात टाइटन्स के बल्लेबाज वॉशिंगटन सुंदर ने मैच में गुजरात की वापसी भी कराई
मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने उतरी RCB ने शानदार शुरुआत की। टीम ने पावरप्ले के अंदर ही गुजरात की मजबूत ओपनिंग जोड़ी को पवेलियन भेजकर उनपर दबाव बना दिया। जोश हेजलवुड ने कप्तान शुभमन गिल को 10 रन पर आउट किया, जबकि भुवनेश्वर कुमार ने साई सुदर्शन को 12 रन के स्कोर पर चलता किया। शुरुआती झटकों के बाद गुजरात की टीम संभलने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान ऐसा लगा कि जैकब डफी ने RCB को एक और बड़ी सफलता दिला दी है, लेकिन थर्ड अंपायर के फैसले ने मैच का रुख बदल दिया और वॉशिंगटन सुंदर को आउट होने से बचा लिया। यही फैसला बाद में चर्चा का बड़ा विषय बन गया।
जैकब डफी ने लेग स्टंप की ओर एक छोटी गेंद फेंकी, जिस पर वॉशिंगटन सुंदर सही टाइमिंग से शॉट नहीं लगा सके। उन्होंने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद ठीक से बल्ले पर नहीं आई और फाइन लेग की दिशा में हवा में चली गई। वहां मौजूद जॉर्डन कॉक्स ने कैच पकड़ लिया और पहली नजर में यह बिल्कुल साफ कैच दिखाई दिया। RCB के खिलाड़ियों ने विकेट का जश्न भी मनाना शुरू कर दिया, लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ।
थर्ड अंपायर के फैसले पर विवाद
कैच को लेकर संदेह होने पर फैसला थर्ड अंपायर के पास भेजा गया। रीप्ले में देखा गया कि कैच पकड़ने के दौरान कॉक्स का गेंद पर पूरी तरह नियंत्रण था या नहीं, इस पर सवाल उठ रहे थे। कई बार वीडियो देखने पर ऐसा लगा कि गेंद उनके हाथों में कुछ असामान्य तरीके से फंसी हुई थी। हालांकि उन्होंने गेंद को पकड़ लिया था, लेकिन यह साफ नहीं हो पाया कि कैच पूरा करते समय गेंद कहीं जमीन से तो नहीं छू गई थी। इसी वजह से थर्ड अंपायर को इस फैसले पर गहराई से विचार करना पड़ा।
रिव्यू के बाद थर्ड अंपायर ने वॉशिंगटन सुंदर को नॉट आउट करार दिया। अंपायर का मानना था कि कैच को पूरी तरह सही साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद नहीं थे, इसलिए बल्लेबाज को जीवनदान दे दिया गया। यह फैसला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के कप्तान रजत पाटीदार को पसंद नहीं आया। फैसले के तुरंत बाद वह मैदान पर मौजूद अंपायर के पास पहुंचे और इस निर्णय के बारे में जानकारी लेने लगे।
टीवी कैमरों में भी पाटीदार को अंपायर से काफी देर तक बातचीत करते हुए देखा गया। वह जानना चाहते थे कि कैच को वैध क्यों नहीं माना गया और बल्लेबाज़ को नॉट आउट क्यों दिया गया। RCB के लिए यह फैसला और भी निराशाजनक था, क्योंकि टीम ने मैच की शुरुआत शानदार तरीके से की थी और शुरुआती ओवरों में गुजरात टाइटन्स पर दबाव बना लिया था। ऐसे में एक और विकेट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन थर्ड अंपायर के फैसले ने टीम की उम्मीदों को झटका दिया। बता दें कि, इस मुकाबले में वॉशिंगटन सुंदर ने शानदार अर्धशतक जड़ा और टीम का स्कोर 150 के पार पहुंचाया।
बता दें कि, गुजरात टाइटन्स ने पूरे आईपीएल 2026 सीज़न में अपने टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों पर काफी भरोसा किया है। टीम के कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन दोनों ने इस सीज़न में 700 से अधिक रन बनाए और गुजरात को फाइनल तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई।