Vaibhav Sooryavanshi: क्रिकेट जगत की नई सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका A के खिलाफ ट्राई-नेशन सीरीज के फाइनल में ऐतिहासिक पारी खेली है। वैभव ने अपना रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन जारी रखकर भारत ए की तरफ से खेलते हुए रविवार (21 जून) को श्रीलंका A के खिलाफ त्रिकोणीय वनडे सीरीज के फाइनल में केवल 11 गेंदों में अर्धशतक जड़ा। इस तरह से वह लिस्ट ए में सबसे तेज अर्धशतक का 21 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
15 वर्षीय इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन फाइनल के लिए बचा रखा था। उन्होंने 29 गेंद पर 94 रन बनाए जिसमें 10 चौके और आठ छक्के शामिल हैं। सूर्यवंशी ने इस दौरान श्रीलंका के कौशल्या वीररत्ने की लिस्ट ए में बनाए गए सबसे तेज अर्धशतक के रिकॉर्ड को तोड़ा।
वीररत्ने ने 2005 में 12 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी। सूर्यवंशी लिस्ट ए में संयुक्त रूप से सबसे तेज शतक बनाने के करीब थे। लेकिन उन्होंने नौवें ओवर में मिड-ऑफ पर कैच दे दिया। उस समय भारतीय टीम का स्कोर 132 रन था। उन्होंने श्रीलंका की गेंदबाजी की धज्जियां उड़ाते हुए पांच छक्के और उतने ही चौकों की मदद से अर्धशतक पूरा किया।
शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया
लीग चरण में बड़ा स्कोर न बना पाने के बाद सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने जिन पहली पांच गेंदों का सामना किया उन पर दो छक्के और तीन चौके लगाए। सूर्यवंशी ने तेज गेंदबाज दुलज समुदिता की गेंदों पर दो छक्के लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया। एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से लगाए गए उनके तीन छक्के उनकी पारी की मुख्य विशेषता थे।
सूर्यवंशी जेक फ्रेजर मैकगर्क के 29 गेंदों में शतक के रिकॉर्ड की बराबरी करने के बेहद करीब थे। लेकिन छक्का जड़ने के प्रयास में आउट हो गए। सूर्यवंशी ने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया था। इसके बाद उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में चुना गया। इस दौरे के दौरान उन्हें सीनियर लेवल पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिल सकता है।
प्रमुख गेंदबाजों को विश्राम
भारत ने अपने कुछ प्रमुख गेंदबाजों को विश्राम देकर अफगानिस्तान के खिलाफ एक वनडे सीरीज में कम अनुभवी गेंदबाजों को आजमाया था। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करके अगले साल होने वाले विश्व कप से पहले कप्तान शुभमन गिल और टीम मैनेजमेंट के हौसले बुलंद कर दिए।
आईपीएल के व्यस्त सत्र के बाद थकान के कारण जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और अक्षर पटेल की अनुपस्थिति का मतलब था कि भारत तीन मैचों की सीरीज में गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव और हर्ष दुबे जैसे नए गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरा। इन तीनों ने इस श्रृंखला से वनडे क्रिकेट में पदार्पण भी किया।
बराड़ सबसे प्रभावशाली गेंदबाज रहे, जिन्होंने तेज गति और उछाल भरी गेंदबाजी करते हुए सात विकेट लिए। यादव और दुबे ने धर्मशाला और लखनऊ की सपाट पिच पर अच्छा प्रदर्शन किया। गिल ने उनके प्रदर्शन को उत्साहजनक बताया।