वैभव सूर्यवंशी को लेकर आपस में ही भिड़े ये दिग्गज खिलाड़ी! टेस्ट क्रिकेट खेलने को लेकर कही ये बात

Vaibhav Sooryavanshi: भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी कम उम्र में ही टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके हैं। वहीं उन्हें अभी वनडे और टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली है। इसी बीच वैभव के टेस्ट मैच खेलने के लेकर इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क के बीच की गई बातचीत काफी चर्चा में हैं

अपडेटेड Sep 19, 2026 पर 7:49 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
सूर्यवंशी को टी20 क्रिकेट की नई पीढ़ी का बड़ा स्टार माना जाता है

भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की चर्चा भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में होती रहती है। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी भारत के सबसे कम उम्र में टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ी बने हैं। वहीं वैभव को सचिन तेंदुलकर के बाद देश के बड़े क्रिकेट टैलेंट में से एक माना जाता है। वैभव अभी भारतीय टीम में टी20 टीम का हिस्सा है। वैभव को अभी वनडे और टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली है। इसी बीच इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने वैभव के टेस्ट में खेलने को लेकर बड़ा बयान दिया है। पूर्व स्पिनर के मुताबिक, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के पास टेस्ट क्रिकेट में सफल होने के लिए जरूरी तकनीकी मजबूती अभी नहीं है।

वैभव को लेकर मोंटी ने क्या कहा

इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क के साथ ‘बियॉन्ड23 क्रिकेट पॉडकास्ट’ पर कहा, “मुझे नहीं लगता कि वैभव सूर्यवंशी टेस्ट क्रिकेट खेल पाएंगे। अभी हैरी ब्रूक ही एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जो टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की टॉप-10 रैंकिंग में हैं। लेकिन मुझे नहीं लगता कि सूर्यवंशी के पास टेस्ट क्रिकेट के लिए जरूरी तकनीक है।”


खेल सकते हैं तीनो फॉर्मेट

वहीं, माइकल क्लार्क ने कहा कि अगर सूर्यवंशी और दूसरे युवा खिलाड़ी मेहनत करने और अपनी तकनीक में सुधार करने के लिए तैयार हैं, तो उनके पास अभी भी तीनों फॉर्मेट में खेलने का मौका है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि आज भी खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट में खेल सकते हैं। विराट कोहली और एबी डिविलियर्स ने यह साबित किया है। दोनों शानदार टेस्ट क्रिकेटर होने के साथ-साथ बेहतरीन टी20 खिलाड़ी भी थे। अगर सूर्यवंशी जैसे इस पीढ़ी के किसी खिलाड़ी को टेस्ट क्रिकेट में खेलते हुए देखना संभव होता है, तो यह वाकई शानदार होगा।”

तीनों फॉर्मेट खेल सकते हैं

क्लार्क ने कहा, “अभी उसकी सबसे बड़ी ताकत उसकी पावर है और उसकी नजर भी शानदार है। वह दुनिया के किसी भी युवा क्रिकेटर की तरह गेंद को बहुत अच्छी तरह से पढ़ता है। जैसे-जैसे वह भारत में ज्यादा खेलेगा और अलग-अलग परिस्थितियों में ट्रेनिंग करेगा, उसकी तकनीक भी बेहतर होती जाएगी। उसमें इतना टैलेंट है कि अगर वह खुद तीनों फॉर्मेट में खेलना चाहता है, तो मुझे कोई वजह नहीं दिखती कि वह तीनों फॉर्मेट का बड़ा स्टार क्यों नहीं बन सकता।”

वैभव का प्रदर्शन

सूर्यवंशी ने लाल गेंद के क्रिकेट में भी अपनी अच्छी बल्लेबाजी की झलक दिखाई है। उन्होंने 38.40 की औसत और 104.92 के शानदार स्ट्राइक रेट से 192 रन बनाए हैं। सूर्यवंशी को टी20 क्रिकेट की नई पीढ़ी का बड़ा स्टार माना जाता है। अब क्रिकेट फैंस और जानकारों की नजर इस बात पर है कि वह टेस्ट क्रिकेट जैसे लंबे फॉर्मेट में कैसा प्रदर्शन करते हैं। सूर्यवंशी खुद भी टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं।

Asian Games में मोहसिन नकवी के हाथ से मेडल लेगी टीम इंडिया? BCCI ने तोड़ी चुप्पी, जानें क्या है नियम

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।