'FIFA चाहता है मेसी टूर्नामेंट में बने रहें...', अर्जेंटीना की जीत पर मिस्र कोच का बड़ा आरोप

Lionel Messi: FIFA वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना के खिलाफ मिस्र को 2-3 से हार मिली। इस हार के बाद मिस्र के हेड कोच होसाम हसन रेफरी के फैसलों से बिल्कुल खुश नहीं दिखे। मैच के आखिरी समय में मैदान पर भी उनका गुस्सा साफ नजर आया।

अपडेटेड Jul 08, 2026 पर 1:44 PM
अर्जेंटीना की जीत के बाद मिस्र कोच ने FIFA पर लगाए आरोप

Lionel Messi: FIFA वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना के खिलाफ मिस्र को 2-3 से हार मिली। इस हार के बाद मिस्र के हेड कोच होसाम हसन रेफरी के फैसलों से बिल्कुल खुश नहीं दिखे। मैच के आखिरी समय में मैदान पर भी उनका गुस्सा साफ नजर आया। मिस्र के खिलाड़ी मुस्तफा जीको ने भी रेफरी के फैसलों पर नाराजगी जताई, क्योंकि उनका एक गोल VAR की मदद से रद्द कर दिया गया था।

बता दें कि अर्जेंटीना ने मैच के आखिरी 13 मिनट में तीन गोल करके शानदार वापसी की और मुकाबला 3-2 से अपने नाम कर लिया। लेकिन मिस्र के हेड कोच होसाम हसन का मानना था कि उनकी टीम पूरे मैच में डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना से हर मामले में बेहतर खेली।

मैच के बाद उन्होंने FIFA पर भी गंभीर आरोप लगाए। हसन ने दावा किया कि FIFA चाहता है कि अर्जेंटीना के स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेसी और उनकी टीम टूर्नामेंट में आगे तक बनी रहे। इसी वजह से, उनके अनुसार, मैच के दौरान कई फैसले अर्जेंटीना के पक्ष में गए।


गुस्से की वजह क्या थी?

67वें मिनट में अर्जेंटीना 2-0 से पीछे थी, लेकिन क्रिस्टियन रोमेरो, मेसी और एन्जो फर्नांडेज के 13 मिनट में किए गए तीन गोल ने अटलांटा स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को जोश से भर दिया।

मिस्र की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह 59वें मिनट में मुस्तफा जीको का वह गोल था, जिसे VAR की समीक्षा के बाद रद्द कर दिया गया। अगर यह गोल मान लिया जाता, तो मैच का नतीजा पूरी तरह अलग हो सकता था और अर्जेंटीना के लिए वापसी करना काफी मुश्किल हो जाता।

इसके अलावा, मिस्र की टीम को गुस्सा दिलाने वाली एक और बात थी। उनका मानना था कि एन्जों के स्टॉपेज-टाइम विनिंग गोल से ठीक पहले एलेक्सिस मैक एलिस्टर की ओर से किए गए फाउल को रेफरी ने नजरअंदाज कर दिया था।

मिस्र के कोच ने क्या कहा?

मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में मिस्र के कोच होसाम हसन ने हालात पर अपना गुस्सा जाहिर करने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाई। उन्होंने दावा किया कि मैच "मैदान के अंदरूनी और बाहरी वजहों से प्रभावित" था।

ESPN की रिपोर्ट के मुताबिक, हसन ने पत्रकारों से कहा, "हम मौजूदा चैंपियन से बेहतर दिखे - हर मामले में बेहतर - लेकिन नतीजा पिच पर अंदरूनी और पिच के बाहर बाहरी वजहों से प्रभावित हुआ। शायद वे वर्ल्ड चैंपियन को टूर्नामेंट में बनाए रखना चाहते थे। शायद वे चाहते थे कि मेसी रेस में बने रहें। फुटबॉल में कभी-कभी तकनीकी पहलुओं से परे बाहरी वजहें भी काम करती हैं। वर्ल्ड चैंपियन को हर स्तर पर समर्थन मिला।"

उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि इस नतीजे पर अर्जेंटीना की तरफ से दबाव था। हमने रेफरी के चयन पर आपत्ति भी जताई, क्योंकि फ्रांस वाला मामला था [अर्जेंटीना ने 2022 वर्ल्ड कप फाइनल में फ्रांस को हराया था], लेकिन कभी न कभी तो सबको नुकसान उठाना ही पड़ता है, और हमें नुकसान उठाना पड़ा।"

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि मैच में उन्हें "सम्मान या निष्पक्ष खेल" देखने को नहीं मिला। उन्होंने बताया कि मिस्र के स्टार खिलाड़ी मोहम्मद सालाह के साथ कथित फाउल के बावजूद उन्हें पेनल्टी नहीं दी गई और उस घटना की VAR से जांच भी नहीं की गई।

"हमें सम्मान या निष्पक्ष खेल देखने को नहीं मिला। एक पेनल्टी नहीं दी गई [मोहम्मद सालाह के साथ कथित फाउल], उसकी VAR से जांच भी नहीं हुई, और हमारा दूसरा गोल भी - न जाने किस वजह से - अमान्य कर दिया गया। हम सबने देखा कि [मैक एलिस्टर ने] शर्ट खींची थी, फिर भी VAR से जांच नहीं हुई।

उन्होंने आगे कहा, "जिंदगी हमेशा निष्पक्ष नहीं होती, लेकिन खेल में तो निष्पक्षता होनी चाहिए। अगर खेल में भी इंसाफ नहीं मिलेगा, तो फिर खेल की भावना का क्या मतलब रह जाएगा?"

हेड कोच ने कहा कि वह "मैच के नतीजे और जिस तरह से चीजें हुईं, उससे संतुष्ट नहीं हैं।"

मुस्तफा जीको ने भी नाराजगी जताई

जिको ने भी ऐसी ही बात कही और एक कदम आगे बढ़कर दावा किया कि वर्ल्ड कप फिक्स्ड है। इस मैच में सबसे बड़ा विवाद तब आया जब VAR ने जिको के पहले गोल को अमान्य करार दिया; अधिकारियों का मानना ​​था कि उन्होंने मैदान के दूसरे छोर पर अर्जेंटीना के एक खिलाड़ी के खिलाफ फाउल किया था। हालांकि जिको ने कुछ ही मिनटों बाद गोल कर दिया, लेकिन उसे अमान्य करार दिया गया। वह गोल मिस्र के फुटबॉल प्रशंसकों के लिए हमेशा एक 'काश ऐसा होता' वाली कसक बनकर रह जाएगा।

मैच के बाद ब्रॉडकास्टर से बात करते हुए, जिको ने 'न्यूयॉर्क टाइम्स' के हवाले से कहा- "रेफरी का फैसला सही नहीं था। यह बिल्कुल भी सही नहीं था, यह साफ था। उन्होंने अपने फैसलों से हमारी सारी मेहनत बेकार कर दी। हम 2-0 से आगे थे और अब हम कुछ नहीं कर सकते, सब कुछ भगवान के हाथ में है। हमें (मिस्र के लोगों से) बहुत अफसोस है। मुझे बहुत अफसोस है। हम आप सभी को खुश करना चाहते थे। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। यह रेफरी की वजह से हुआ। कप अर्जेंटीना की तरफ जा रहा है।"

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