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FIFA World Cup 2026: टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही बवाल, खिलाड़ी डिटेन तो रेफरी को वापस भेजा!

FIFA World Cup 2026 : विवादों की इस कड़ी में नया मामला अफ्रीका के जाने-माने फुटबॉल रेफरी उमर अब्दुलकादिर आर्टन से जुड़ा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अमेरिकी अधिकारियों ने सोमालिया के इस रेफरी को देश में प्रवेश नहीं करने दिया। इसके बाद उन्हें इस्तांबुल जाने वाली उड़ान से वापस भेज दिया गया

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 09, 2026 पर 4:29 PM
FIFA World Cup 2026:  टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही बवाल,  खिलाड़ी डिटेन तो रेफरी को वापस भेजा!
FIFA World Cup 2026 : फीफा वर्ल्ड के शुरू होने में अब सिर्फ तीन दिन बचे हैं लेकिन इससे पहले विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं।

फुटबॉल के सबसे बड़े टूर्नामेंट, फीफा वर्ल्ड के शुरू होने में अब सिर्फ तीन दिन बचे हैं लेकिन इससे पहले विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। हाल ही में इराक के फुटबॉलर आयमेन हुसैन को अमेरिका ने डिटेन कर दिया था वहीं, अब सोमालिया के रैफरी उमर अर्टन को अमेरिका में एंट्री नहीं मिली है। कुछ फुटबॉल खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को एयर पोर्ट पर कई घंटों तक रोके जाने की खबरें आई हैं, जबकि एक अधिकारी को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति भी नहीं मिली।

रेफरी को वापस भेजा

विवादों की इस कड़ी में नया मामला अफ्रीका के जाने-माने फुटबॉल रेफरी उमर अब्दुलकादिर आर्टन से जुड़ा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अमेरिकी अधिकारियों ने सोमालिया के इस रेफरी को देश में प्रवेश नहीं करने दिया। इसके बाद उन्हें इस्तांबुल जाने वाली उड़ान से वापस भेज दिया गया। इस घटना के बाद फुटबॉल जगत में नाराजगी और चिंता बढ़ गई है। इस फैसले ने फुटबॉल जगत को हैरान कर दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उमर अब्दुलकादिर आर्टन डिप्लोमैटिक पासपोर्ट पर यात्रा कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि शुरुआत में उन्हें यात्रा से जुड़ी कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद नैरोबी स्थित सोमालिया के दूतावास ने वीजा संबंधी प्रक्रिया में उनकी मदद की। इसके बावजूद अमेरिकी सीमा और आव्रजन अधिकारियों ने उन्हें देश में प्रवेश की अनुमति नहीं दी। आखिरकार, उन्हें अमेरिका में प्रवेश दिए बिना ही वापस इस्तांबुल जाने वाली उड़ान से भेज दिया गया। इस घटना के बाद फुटबॉल समुदाय में नाराजगी बढ़ गई है और कई लोग इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं।

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