PV Sindhu Success Story: पीवी सिंधु ने छात्रों को बताया सफलता का असली मंत्र, बोलीं- हार के बाद भी कोशिश जरूरी

PV Sindhu Success Story: गुरुग्राम के डीपीएस इंटरनेशनल स्कूल में हुए एक कार्यक्रम में पीवी सिंधु ने छात्रों से बात की। उन्होंने कहा कि जिंदगी में हार मिलने पर रुकना नहीं चाहिए, बल्कि कोशिश करते रहना चाहिए। हर असफलता के बाद एक नया मौका मिलता है, जो आगे चलकर सफलता दिला सकता है

अपडेटेड Mar 19, 2026 पर 3:49 PM
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 PV Sindhu Success Story: सिंधु ने स्टूडेंट्स को बताया कि सफलता कभी आसान नहीं होती

दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने गुरुग्राम के DPS इंटरनेशनल स्कूल में छात्रों के साथ एक बेहद प्रेरणादायक और दिल छू लेने वाली बातचीत की। इस खास बातचीत में उन्होंने अपने करियर के उन पहलुओं को साझा किया, जो आमतौर पर लोगों को दिखाई नहीं देते। सिंधु ने बताया कि सफलता के पीछे सिर्फ जीत की कहानियां नहीं होतीं, बल्कि लगातार संघर्ष, असफलताएं और खुद पर भरोसा भी शामिल होता है। उन्होंने छात्रों को समझाया कि बड़े सपने देखना आसान है, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए अनुशासन, धैर्य और कड़ी मेहनत की जरूरत होती है।

बातचीत के दौरान उनका सरल और सच्चा अंदाज छात्रों को काफी प्रेरित करता नजर आया। यह सत्र सिर्फ एक बातचीत नहीं, बल्कि युवाओं के लिए अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का एक मजबूत संदेश बनकर सामने आया।

 सफलता एक दिन में नहीं मिलती


सिंधु ने साफ शब्दों में कहा कि सफलता तुरंत नहीं मिलती, इसके लिए लगातार मेहनत और धैर्य जरूरी है। उन्होंने बताया कि अपने करियर में उन्होंने जीत से ज्यादा हार का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी। उनका कहना था कि हर हार के बाद खुद पर विश्वास बनाए रखना ही असली जीत की शुरुआत होती है।

जीत की ओर कदम

अपने अनुभव साझा करते हुए सिंधु ने कहा कि कई बार उन्हें लगा कि शायद ये रास्ता उनके लिए नहीं है, लेकिन उन्होंने खुद पर भरोसा नहीं छोड़ा। उन्होंने बताया कि बार-बार कोशिश करना और खुद को बेहतर बनाना ही उन्हें आगे ले गया।

मेहनत ही असली चाबी है

छात्रों को संदेश देते हुए सिंधु ने कहा कि कोई भी व्यक्ति जन्म से सफल नहीं होता। चाहे पढ़ाई हो या खेल, हर क्षेत्र में मेहनत ही सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने यह भी बताया कि सफलता पाने में समय लगता है, इसलिए धैर्य रखना बेहद जरूरी है।

शिक्षा में खेल की अहम भूमिका

कार्यक्रम में शिक्षा विशेषज्ञ देवयानी जयपुरिया ने भी खेल के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी सीख देने वाला मंच है, जहां अनुशासन, धैर्य और बड़े सपने देखने की हिम्मत मिलती है।

सफलता में सपोर्ट सिस्टम का रोल

सिंधु और जयपुरिया दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि सफलता अकेले हासिल नहीं होती। सिंधु ने अपने माता-पिता और कोच का जिक्र करते हुए कहा कि सही सपोर्ट मिलने से ही इंसान अपने लक्ष्य तक पहुंच पाता है।

सवाल-जवाब में मिला नया नजरिया

कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने प्रेशर, एम्बिशन और करियर से जुड़े सवाल पूछे। सिंधु और जयपुरिया ने खुलकर जवाब दिए, जिससे छात्रों को अपने लक्ष्य तय करने और आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिली।

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