Suresh Raina News: सुरेश रैना पर क्या है आरोप? अवैध सट्टेबाजी ऐप मामले में ED के सामने पेश हुए पूर्व क्रिकेटर

Illegal Betting App Case: आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) एक अवैध सट्टेबाजी ऐप 1xBet से जुड़ी जांच के सिलसिले में मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत सुरेश रैना का बयान दर्ज की। ऐसा माना जा रहा है कि 38 वर्षीय पूर्व भारतीय क्रिकेटर कुछ विज्ञापनों के जरिए इस ऐप से जुड़े हुए हैं

अपडेटेड Aug 13, 2025 पर 2:12 PM
Illegal Betting App Case: एक अवैध सट्टेबाजी ऐप 1xBet से जुड़ी जांच के सिलसिले में सुरेश रैना का बयान दर्ज हुआ है

Illegal Betting App Case: पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना कथित अवैध सट्टेबाजी ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए बुधवार (13 अगस्त) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पेश हुए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी एक अवैध सट्टेबाजी ऐप (1xBet) से जुड़ी जांच के सिलसिले में मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत उनका बयान दर्ज की। ऐसा माना जा रहा है कि 38 वर्षीय पूर्व भारतीय क्रिकेटर कुछ विज्ञापनों के जरिए इस ऐप से जुड़े हुए हैं।

ईडी इस ऐप से सुरेश रैना के संबंधों के बारे में पूछताछ करना चाहती है। केंद्रीय एजेंसी विभिन्न अवैध सट्टेबाजी ऐप से जुड़े कई ऐसे मामलों की जांच कर रही है, जिनमें कई लोगों और निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी होने या भारी मात्रा में कर चोरी होने का आरोप है। ऐसा माना जा रहा है कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर काफी दिनों से कुछ विज्ञापनों के जरिए इस ऐप से जुड़े हुए हैं। ED अधिकारी पूछताछ के दौरान यह जानने की कोशिश की है कि वह इस ऐप संबंधी मामले में कैसे जुड़े।

अधिकारियों ने मंगलवार देर रात बताया कि 38 वर्षीय क्रिकेट स्टार को इस मामले में जांच एजेंसी ने तलब किया है। इस जांच के तहत PMLA के तहत उनका बयान दर्ज किया जाएगा। जांच एजेंसी यह भी जाँच कर रही है कि अवैध ऐप्स ने अपना विज्ञापन कैसे दिया। इस संबंध में ED ने पिछले महीने गूगल और मेटा के अधिकारियों को भी तलब किया था।


क्या है पूरा मामला?

केंद्रीय एजेंसी की जांच कुछ निश्चित समर्थन के माध्यम से सट्टेबाजी ऐप से रैना के कथित संबंधों को समझने पर केंद्रित है। एक अधिकारी ने 'हिंदुस्तान टाइम्स' को बताया, "ये प्लेटफॉर्म भारत सरकार के कई कानूनों और निर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं... अनुमान है कि लगभग 22 करोड़ (220 मिलियन) भारतीय यूजर्स वर्तमान में विभिन्न सट्टेबाजी ऐप्स पर लगे हुए हैं। इनमें से 11 करोड़ (110 मिलियन) एक्टिव यूजर्स हैं।"

रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों और ऐप्स ने 2025 के पहले तीन महीनों में 1.6 बिलियन से अधिक विज़िट दर्ज कीं। भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी का बाजार लगभग 100 मिलियन डॉलर का होने का अनुमान है। इसमें अवैध सट्टेबाजी ऐप्स कथित तौर पर सालाना 27,000 करोड़ रुपये की कर चोरी करते हैं। ED ने पिछले साल IPL क्रिकेट मैच सट्टेबाजी से जुड़े मामलों में 337 करोड़ की संपत्ति कुर्क की थी।

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ED ने अखबार को बताया, "जब्त की गई संपत्तियों में अजमेर (राजस्थान), कच्छ (गुजरात), दमन, ठाणे और मुंबई (महाराष्ट्र) में स्थित डीमैट खाता होल्डिंग्स, भूमि, फ्लैट और कमर्शियल गोदाम शामिल हैं। इनकी कीमत ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप फेयरप्ले और उसके प्रमोटरों की 219.66 करोड़ रुपये है।"

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