एलॉन मस्क OpenAI और माइक्रोसॉफ्ट से 79 अरब डॉलर से 134 अरब डॉलर तक का हर्जाना मांग रहे हैं। उनका आरोप है कि ChatGPT बनाने वाली कंपनी ने अपनी गैर-लाभकारी जड़ें छोड़ दीं और माइक्रोसॉफ्ट से गठजोड़ कर लिया। यह धोखा है। यह खबर ब्लूमबर्ग ने दी है।

एलॉन मस्क OpenAI और माइक्रोसॉफ्ट से 79 अरब डॉलर से 134 अरब डॉलर तक का हर्जाना मांग रहे हैं। उनका आरोप है कि ChatGPT बनाने वाली कंपनी ने अपनी गैर-लाभकारी जड़ें छोड़ दीं और माइक्रोसॉफ्ट से गठजोड़ कर लिया। यह धोखा है। यह खबर ब्लूमबर्ग ने दी है।
यह याचिका शुक्रवार को अदालत में दाखिल की गई। एक दिन पहले ही फेडरल जज ने OpenAI और माइक्रोसॉफ्ट की जूरी ट्रायल से बचने की कोशिश ठुकरा दी थी। अब केस अप्रैल के आखिर में ट्रायल के लिए तय हो गया है। यह टेक जगत का सबसे बड़ा कानूनी झगड़ा बन गया है।
मस्क की टीम ने फाइनेंशियल विशेषज्ञ सी. पॉल वाजन की गणना पर भरोसा किया है। उनका कहना है कि OpenAI की मौजूदा वैल्यूएशन 500 अरब डॉलर है। मस्क को इसका हिस्सा मिलना चाहिए, क्योंकि कंपनी ने धोखा दिया।
मस्क ने 2015 में ओपनएआई की सह-स्थापना की और शुरुआती सालों में करीब 38 मिलियन डॉलर दिए। लेकिन हर्जाना इससे कहीं ज्यादा है। इसमें उनके पैसे के अलावा तकनीकी सलाह और बिजनेस गाइडेंस भी शामिल हैं। वाजन के हिसाब से OpenAI को 65.5 अरब से 109.43 अरब डॉलर और माइक्रोसॉफ्ट को 13.3 अरब से 25.06 अरब डॉलर का नुकसान हुआ।
मस्क के वकील स्टीवन मोलो ने इसे स्टार्टअप निवेश से जोड़ा। उन्होंने कहा कि शुरुआती निवेशक को बहुत ज्यादा मुनाफा मिल सकता है। वैसे ही मस्क को ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट के गलत फायदे की भरपाई मिलनी चाहिए।
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